मुद्दा छात्राओं की समस्याओं का : मौके पर पहुंची एडीएम ने माना छात्राओं और वार्डन में संवाद की कमी
⚫ निरीक्षण में पाया रसोई घर की कोठियों में मिले पोहे, आटा, बरनियों में दालें सहित अन्य
⚫ सफाई के लिए झाड़ू सहित अन्य सफाई के केमिकल भी मिले
⚫ हर सप्ताह छात्राओं का लिया जाएगा टेस्ट
हरमुद्दा
रतलाम, 23 जुलाई। आदिवासी सीनियर कन्या छात्रावास की करीब दो दर्जन छात्राएं मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में एडीएम से मिली और समस्याएं बताई थी। एडीएम ने तत्काल जांच समिति बनाकर भेजा। इसके बावजूद भी जब बात नहीं बनी तो एडीएम डॉक्टर शालिनी श्रीवास्तव स्वयं छात्रावास पहुंची। स्थिति को जांचा परखा तो पता चला कि हॉस्टल वार्डन और छात्रों में संवाद की कमी के चलते समस्याएं पैदा हो रही है। हर बुधवार को टेस्ट लिया जाएगा।

मंगलवार को कलेक्ट्रेट में छात्राओं ने एडीएम डॉ. श्रीवास्तव को बताया था कि भोजन सहित साफ सफाई की समस्याएं हैं। ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हॉस्टल की वार्डन को हटाया जाए।
बनाई जांच समिति भेजा मौके पर
मौखिक समस्याएं सुनने के बाद एडीएम ने तत्काल जांच समिति बनाई जिसमें सामाजिक न्याय विभाग की उपसंचालक संध्या शर्मा और नायब तहसीलदार हेमलता डिंडोर को भेजा। इसके बाद छात्राएं भी छात्रावास पहुंची। इन्होंने बात की। समझाया मगर बात नहीं बनी, तब शाम को एडीएम डॉक्टर श्रीवास्तव मौके पर पहुंची।
हॉस्टल वार्डन और छात्राओं में संवाद की कमी
एडीएम डॉ. श्रीवास्तव ने हरमुद्दा से चर्चा में बताया कि एक-एक छात्रा से बात की और वस्तु स्थिति जानी तो पता चला कि हॉस्टल की वार्डन सुगना मइड़ा और छात्राओं के बीच कोई संवाद नहीं होते थे। संवादहीनता की वजह से समस्याएं हुई। हो सकता है छात्राएं किसी के बहकावे में आकर हॉस्टल वार्डन के खिलाफ हुई हो।
थी सामग्री मौजूद






एडीएम ने देखा कि छात्रावास के रसोई घर में आटा, पोहे, दाल चावल, सहित सभी सामग्री मौजूद थी। हरी सब्जी के तौर पर लौकी काटी जा रही थी। रोटियां बनी हुई थी।


इसके साथ ही साफ सफाई के लिए झाड़ू वॉशरूम की सफाई के लिए केमिकल सहित अन्य वस्तुएं मौजूद थी। हॉस्टल में पोछा लगाने के साधन भी थे। रूम में बेहतर क्वालिटी के गद्दे लगे हुए थे। रही बात वॉशरूम के दरवाजे की तो वह लकड़ी के बने हुए थे बारिश में वैसे भी फूल जाते हैं, इसलिए लग नहीं पाते।
हर बुधवार को लिया जाएगा छात्राओं का टेस्ट
फिलहाल भरोसे में लेकर सभी को सलाह दी गई कि वह पूरा ध्यान पढ़ाई पर रखें। समस्याओं का समाधान हो जाएगा। हर सप्ताह बुधवार को टेस्ट लिया जाएगा ताकि पता चले कि पढाई की क्या स्थिति चल रही है और 12वीं बोर्ड की परीक्षा में और कैसी तैयारी करनी है।
Hemant Bhatt