फैसला : अवैध रूप से हथियार रखने के मामले में छह आरोपियों को दो-दो साल की सजा
⚫ पुलिया की नीचे बना रहे थे डकैती की योजना
⚫ एक आरोपी हुआ फरार
⚫ मामला 2017 का
हरमुद्दा
रतलाम, 3 दिसंबर। डकैती की योजना बनाते हुए पकड़े गए आरोपियों में से 6 व्यक्तियों को अवैध हथियार के साथ पकड़े जाने पर सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया ने 2 -2 वर्ष के कारावास की सजा एवं अर्थदण्ड से दंडित किया। एक आरोपी फरार हो गया था।

अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने हरमुद्दा को बताया कि 20 जुलाई 2017 को बिलपांक थाने पर पदस्थ थाना प्रभारी वरुण तिवारी को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि 5 से 6 व्यक्ति हाईवे रोड पर प्रकाश नगर पुलिया के पास नीचे साइड में बैठे हैं जो आने जाने वाली बस को रापी लगाकर रोक कर लूटपाट करने की योजना बना रहे हैं।
सभी को पकड़ा हथियारों के साथ
इस सूचना पर थाना प्रभारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे थे, जहां पर टॉर्च की रोशनी में देखा तो चार-पांच व्यक्ति पुलिया के पास बैठे थे जो पुलिस को आता देखकर अलग-अलग दिशा में भागने लगे जिन्हें फोर्स की मदद से पकड़ा गया।
अवैध हथियार मिले आरोपियों के कब्जे से
आरोपियों के पास से अवैध हथियार एवं जिंदा कारतूस जप्त किए गए आरोपी को गिरफ्तार किया। धारा 399,402 भादवी एवं आयुध अधिनियम की धारा 25,27 के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया था। विवेचना उपरांत आरोपियों के विरुद्ध अभियोगपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

हथियार रखने का पाया दोषी
प्रकरण का विचारण अष्टम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया के न्यायालय किया गया, जहां पर आरोपियों को धारा 399 एवं 402 भादवी के अंतर्गत दोष मुक्त किया। अवैध हथियारों को बिना अनुज्ञप्ति के अपने पास रखने का दोषी पाया।
दो-दो साल की सुनाई सजा
⚫ मुन्ना उर्फ़ मोहन निवासी - संदला, जिला धार।
⚫ दुले सिंह पिता लक्ष्मण सिंह निवासी संदला, जिला धार
⚫ रामेश्वर पिता नंदकिशोर निवासी संदला, जिला धार
⚫ गोविन्द पिता कालूराम निवासी ग्राम सनावदा, जिला धार
⚫ अशफाक खान उर्फ़ बाबू पिता मोहम्मद हुसैन निवासी खेड़ा माधो, जिला उज्जैन
⚫ जीतेन्द्र सिंह पिता रणजीत सिंह निवासी मुख़र्जी नगर रतलाम
को आयुध अधिनियम(Arms act) की धारा 25 (1)(b) में 2-2 वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹1000-1000 के अर्थदंड से दंडित किया गया। एक अन्य आरोपी हैदसिंह पिता गुलजार सिंह निवासी खुर्माबाद जिला बड़वानी विचारण के दौरान के फरार हो गया था। अभियोजन की ओर से पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान के द्वारा की गई।
Hemant Bhatt