रेलवे की लापरवाही से बारिश में गांववासी हो गए कैद, किसी की सेहत पर बन आती तो नहीं बचती जान
⚫ शहर से टूट गया संपर्क
⚫ आवागमन के लिए बना अंडर ब्रिज हुआ लबालब
⚫ कई बार बताई समस्या मगर रेलवे के अधिकारियों ने नहीं दिया ध्यान
⚫ सांसद और विधायक को लिखा पत्र नया ओवरब्रिज बनाने के लिए
हरमुद्दा
रतलाम, 1 सितंबर।रविवार सोमवार दरम्यानी रात से सोमवार दोपहर तक झमाझम बारिश के कारण आम जन जीवन प्रभावित हो गया। रेल प्रशासन की अनदेखी और लापरवाही के चलते समीपस्थ ग्राम अमलेटा के लोग गांव में ही कैद हो गए। उनका शहर से संपर्क कट गया।

लबालब अंडर ब्रिज
करणी सेना के कमल सिंह अमलेटा ने हरमुद्दा को बताया कि जिला मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर गांव अमलेटा मार्ग पर रेलवे द्वारा अंडर ब्रिज बनाया गया है जो कि सोमवार की बारिश में जलमग्न हो गया। इसके चलते गांव वासियों का आवागमन अवरुद्ध हो गया। ना विद्यार्थी स्कूल जा पाए ना लोग कामकाज के लिए शहर आ पाए। सबके सब गांव में कैद हो गए। सुबह 7 बजे से आवागमन अवरुद्ध रहा जो कि दोपहर तक ठीक नहीं हुआ।
तो हो सकती भारी मुसीबत
श्री अमलेटा ने बताया कि ऐसे में यदि किसी की सेहत पर बन आए तो भारी मुसीबत हो सकती है। गांव के अधिकतर लोग अपने काम से सुबह काम पर नहीं जा पाए। स्कूल जाने वाले बच्चों को भी अपनी जान जोखिम में डाल कर रेलवे पटरी पार करके एक साइड से दूसरी साइड जाना पड़ा।
तब रेलवे के अधिकारियों ने किया आवागमन बंद
गांव के कुछ लोगों द्वारा जब रेलवे को सूचना दी, तब वे ब्रिज पर पहुंचे। ब्रिज में 5 फीट से ज्यादा पानी भरा हुआ था। जिसे पार कर गांव में जाना या गांव से बाहर सही नहीं था। इसके बाद रेलवे के जिम्मेदारों द्वारा ब्रिज को बंद किया गया ताकि कोई व्यक्ति पानी पार ना करे।
ब्रिज बनाते समय जो किए थे रेलवे ने वादे, वे हैं अधूरे
श्री अमलेटा ने बताया कि पूर्व में भी कई बार अधिकारियों को सूचना दी गई कि ब्रिज से पानी निकालने की उचित व्यवस्था की जाए परंतु किसी ने उस बात पर ध्यान नहीं दिया। ब्रिज बनाते समय जो वादे किए थे, उनको भी पूरा नहीं किया गया। सभी बातों को नजर अंदाज किया गया।
सांसद और विधायक को लिखा पत्र ओवर ब्रिज बनाने के लिए
श्री अमलेटा ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर सांसद और विधायक को भी पूर्व में पत्र लिखा गया है कि अंडर ब्रिज को यथावत रहने दिया जाए और एक नया ओवर ब्रिज बनाया जाए परंतु किसी ने ध्यान दिया। यदि ऐसे में गांववासियों की सेहत पर बने तो उनकी जान बचाना मुश्किल हो सकता है। इसलिए ओवरब्रिज के बारे में भी रेलवे को निर्णय करना चाहिए।
Hemant Bhatt