साहित्य सरोकार : व्यक्ति की रचनाशीलता समाज की धरोहर
⚫ प्रो. रतन चौहान ने कहा
⚫ जनवादी लेखक संघ का नंदलाल उपाध्याय स्मृति समारोह आयोजित
हरमुद्दा
रतलाम, 14 सितंबर। एक रचनाकार की चिंता में पूरा समाज होता है । उसकी रचनाओं में भी समाज की चिंता व्यक्त होती है । इसलिए हर रचनाकार समाज की धरोहर होता है । उसकी रचनाशीलता पूरे समाज को उसके न रहने पर भी प्रेरित करती रहती है । एक रचनाकार के योगदान को समाज कभी विस्मृत नहीं कर सकता । नंदलाल उपाध्याय 'अतुल विश्वास' ऐसे ही रचनाकार रहे जिन्होंने जन संघर्ष की मशाल सदैव प्रज्वलित रखने की प्रेरणा समाज को दी । उनकी रचनाएं आज भी प्रासंगिक हैं।

यह विचार जनवादी लेखक संघ द्वारा आयोजित 'एक रचनाकार का रचना संसार' कार्यक्रम के छठे सोपान में दिवंगत रचनाकार नंदलाल उपाध्याय 'अतुल विश्वास ' पर केंद्रित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ कवि एवं अनुवादक प्रो. रतन चौहान ने व्यक्त किए । उन्होंने कहा कि स्वर्गीय उपाध्याय की जीवनशैली और वैचारिकता आज भी प्रेरणा देती है।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कल्पना सेलोत ने अपने पिता की रचनात्मकता और जीवन प्रसंगों पर कहा कि उन्होंने पिता का फ़र्ज़ एक मित्र बनकर निभाया। अपने सभी बच्चों को समाज के उस पक्ष से अवगत कराया जो दीन और उपेक्षित और जिसे सदैव सहयोग की आवश्यकता है।
जनवादी लेखक संघ के अध्यक्ष रणजीत सिंह राठौर ने स्व. उपाध्याय के शिक्षकीय जीवन के प्रसंग सुनाते हुए उनकी रचना का पाठ किया । वरिष्ठ रंगकर्मी कैलाश व्यास ने श्री उपाध्याय के जीवन प्रसंगों से अवगत करवाया । संचालन करते हुए आशीष दशोत्तर ने नंदलाल उपाध्याय के जीवन और रचनात्मक कार्य पर का विस्तृत वर्णन किया।
इन्होंने किया रचना पाठ
आयोजन में नंदलाल उपाध्याय 'अतुल विश्वास' की रचनाओं का पाठ कीर्ति शर्मा , प्रदीप शर्मा, हीरालाल खराड़ी ,आशा श्रीवास्तव , सिद्धीक़ रतलामी, पूजा चोपड़ा कला डामोर , कैलाश व्यास , डॉ. स्वर्णलता ठन्ना , आशारानी उपाध्याय , डॉ.एन. के .शाह , आई.एल. पुरोहित, जितेंद्र सिंह पथिक, विनोद झालानी, डॉ. पूर्णिमा शर्मा मांगीलाल नागावत सहित उपस्थित जनों ने किया स्मृति सम्मान ।
सम्मान प्रदान किया गया

जनवादी लेखक संघ द्वारा उपाध्याय परिवार के सहयोग से स्थापित नंदलाल उपाध्याय 'अतुल विश्वास' स्मृति सम्मान की स्थापना की गई है । प्रथम सम्मान वरिष्ठ कवि एवं अनुवादक प्रो .रतन चौहान को प्रदान किया गया ।
इनकी उपस्थिति रही
कार्यक्रम में वरिष्ठ कवि श्याम माहेश्वरी , मिर्ज़ा मकसूद बेग, विष्णु बैरागी, सुभाष यादव, जवेरीलाल गोयल, अनीस शेख, लक्ष्मण पाठक, हरिशंकर भटनागर , शांतिलाल गोयल , दिनेश शर्मा , सुरेंद्र छाजेड़ , पद्माकर पागे , दिनेश उपाध्याय , गीता राठौर , आरती उपाध्याय , रामचंद्र फुहार, साधना देसाई, ध्रुव कुमार उपाध्याय मुग्धा देसाई सहित सुधीर मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन आशीष दशोत्तर ने किया तथा आभार सचिव सिद्धीक़ रतलामी ने व्यक्त किया।
डॉ. गीता दुबे की कविताओं पर चर्चा 28 सितंबर को
जनवादी लेखक संघ द्वारा वरिष्ठ रचनाकार डॉ. गीता दुबे की कविताओं पर चर्चा का आयोजन 28 सितंबर रविवार प्रातः 11 बजे भगतसिंह पुस्तकालय, शहर सराय रतलाम पर रखा गया है । जनवादी लेखक संघ ने सुधिजनों से उपस्थिति का आग्रह किया है।
Hemant Bhatt