फैसला : बलात्कार के आरोपी को सुनाई 10 वर्ष के कारावास की सजा

फैसला : बलात्कार के आरोपी को सुनाई 10 वर्ष के कारावास की सजा

पीड़िता को घर छोड़ने के बहाने बैठाया था अपनी मोटरसाइकिल पर

हरमुद्दा
रतलाम 19 जून। जान से मारने की धमकी देकर एवं इच्छा के विरुद्ध महिला के साथ बलात्कार करने की आरोपी को न्यायालय ने अलग-अलग धाराओं में 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹2000 का जुर्माना लगाया।

अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी ने बताया कि घटना 26 मई  2019 की रात्रि की है। आरोपी लाल बिहारी पिता मडिया मुनिया उम्र 34 वर्ष निवासी ग्राम धोलपुर जिला रतलाम के विरुद्ध पीड़िता ने रिपोर्ट की थी।

पैदल-पैदल जा रही थी घर आरोपी आए बोला मैं छोड़ दूं

पीड़िता ने बताया कि वह भोपा को नारियल चढ़ाने के लिए ग्राम देवका गई थी। नारियल चढ़ाने के बाद वहां से ग्राम ठिकरिया आ गई थी। वहां से पैदल-पैदल बाजना जा रही थी। वहां सूरज बड़ला रोड स्कूल के सामने पर पहुंची तो वहां आरोपी लाल बिहारी मोटरसाइकिल लेकर आया और बोला कि मैं घर छोड़ देता हूं l

जान से करने के लिए धमकी

आरोपी उसे  ग्राम कानवा छावनी ले गया और जबरदस्ती उसके साथ बलात्कार किया और बोला कि यदि किसी को घटना के बारे में बताया तो जान से खत्म कर दूंगा। पीड़िता मोटरसाइकिल  से कूद गई थी लेकिन आरोपी ने पकड़ लिया। घटना की जानकारी पीड़िता ने अपने पति को दी। इसके बाद आरोपी लाल बिहारी के विरुद्ध पुलिस थाना बाजना में अपराध पंजीबद्ध हुआ।

प्रकरण में डीएनए रिपोर्ट थी सकारात्मक

प्रकरण में विवेचना पूर्ण कर बजाना पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। इसके बाद 44 तारीखों में प्रकरण का निराकरण करते हुए तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश बरखा दिनकर ने आरोपी को भादवि की धारा 366 में 8 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹500 का जुर्माना धारा 376 (1) में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹1000 का जुर्माना तथा धारा 506 भाग 2 में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹500 का जुर्माना लगाया। प्रकरण में आरोपी एवं पीड़िता की डीएनए रिपोर्ट सकारात्मक रही थी। शासन की ओर से  अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी ने पैरवी की।