फैसला : डॉक्टर और उसके मासूम बेटे की जान लेने वाले तीन भाई बहन को दोहरा कारावास
⚫ मामला फरवरी 2021 का
⚫ नर्स मां की भी जान लेने की हुई थी कोशिश
⚫ मामले में दो को किया दोष मुक्त
हरमुद्दा
रतलाम, 1 फरवरी। डॉक्टर भाई और भतीजे की तंत्र-मंत्र के नाम पर जान लेने वाले भाई बहनों को दोहरे कारावास की सजा और अर्थ दंड से दंडित किया गया। जो परिजन बचाने आए थे। उनके साथ भी मारपीट हुई। प्रताड़ित किया। मासूम की नर्स मां की भी जान लेने की कोशिश की गई है।

अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने हरमुद्दा को बताया कि पांच वर्ष पूर्व शिवगढ़ थाने के गाँव ठिकरिया में हुए बहुचर्चित मामले में सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव ने आरोपिया तुलसीबाई पति राधेश्याम पलासिया (45) उसकी पुत्री माया पिता राधेश्याम पलासिया (24) साल जेठ के लड़के राहुल पिता ईश्वरलाल पलासिया (27) निवासी धराड़, को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 120बी, 342, 450, 323, 302 में 10-10 वर्ष एवं दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अर्थ दंड से दंडित किया।
यह था मामला

डॉक्टर दम्पत्ति
डॉ. राजाराम खराड़ी (26) होम्योपैथिक चिकित्सक के साथ फरवरी 2021 की रात उनके ही घर में तंत्र क्रिया के नाम पर तांडव हुआ। घटना की रात राजाराम के छोटे भाई विक्रम, बहन तुलसी, उसका का बेटा अजय, तुलसी के जेठ का बेटा राहुल और अन्य परिजन- "भोपा' (तांत्रिक क्रिया करने वाला) बनकर राजाराम और उनके तीन साल के बेटे आदर्श पर टूट पड़े।
सबको रखा अलग-अलग कमरे में बंद
तांत्रिक क्रिया के चलते डॉ. राजाराम, उनकी नर्स पत्नी सीमा और मां थावरीबाई को कई घंटे अलग-अलग कमरों में बंद रखा गया। इस दौरान उन्हें बेरहमी से पीटा गया। राजाराम की तो घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल तीन वर्ष के बेटे आदर्श ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
भाभी और मां को 36 घंटे कमरे में बंद कर पीटते रहे आरोपी
डॉ. राजाराम की नर्स पत्नी सीमा को बोलने से रोकने के लिए उसके मुंह में जबरदस्ती दो रुपए का सिक्का ठूंसा गया, जिसे अस्पताल में निकाला गया। गंभीर रूप से घायल थावरीबाई की हालत में एक सप्ताह बाद सुधार हुआ।
बहन और भतीजी बनीं कातिल
पुलिस जांच में सामने आया कि इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हत्याकांड की मास्टरमाइंड खुद राजाराम की बड़ी बहन तुलसीबाई थी। उसने अपनी बेटी, बेटे और अन्य परिजनों के साथ मिलकर यह षड्यंत्र रचा। तुलसी ने कथित रूप से तांत्रिक राहुल की बातों में आकर यह विश्वास कर लिया कि उसके भाई, भाभी, भतीजे और मां पर भूत-प्रेत का साया है। वैसे भी वह अपने भाई-भाभी की आर्थिक तरक्की, सामाजिक सम्मान से जलन रखती थी। मृतक राजाराम बीएचएमएस की पढ़ाई पूरी कर रतलाम में होम्योपैथ डॉक्टर के रूप में कार्य कर रहा था। उसकी पत्नी सीमा जिला अस्पताल में नर्स है।
ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब कमरों के दरवाजे खोले तो राजाराम मृत पड़ा था, आदर्श और उसकी मां बेहोशी की हालत में मिले। सीमा दूसरे कमरे में बेहोश पड़ी मिली थी।क इस मामले में बहन माया, तुलसी, विक्रम, अजय, राहुल आदि को आरोपी बनाने के साथ ही घर से तंत्र-मंत्र की सामग्री, मूसल, खून सने बर्तन, सब जब्त हुए। सभी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 307, 450, 120 बी और 34 के तहत केस दर्ज किया गया।
मई 2021 में पेश किया चालान
जाँच के दौरान तुलसीबाई, उसकी पुत्री माया उसके दोनों नाबालिक पुत्र पवन व अजय पलासिया तथा उसके जेठ के पुत्र राहुल उसके भाई विक्रम खराड़ी, उसकी छोटी बहन सागर खराड़ी को गिरफ्तार कर सम्पूर्ण विवेचना की। इनके विरुद्ध 20 मई 21 को चालान न्यायालय में पेश किया।
25 गवाह और 85 दस्तावेज प्रस्तुत
शासकीय अधिवक्ता पाटीदार ने बताया कि न्यायालय में कुल 25 गवाहों के बयान करवाए। 85 दस्तावेज प्रस्तुत किए। इसके साथ ही आरोपी माया से जब्त तलवार, लेगी तथा आरोपी राहुल से जब्त कपड़ों को जांच के लिए वैज्ञानिक प्रयोगशाला भोपाल भेजा गया, जिसकी रिपोर्ट में मृतक आदर्श का खून पाया गया।
तभी से जेल में
जुर्माने की राशि मैसे 50 हजार रुपए मृतक आदर्श के दादा कन्हैयालाल को व 10-10 हजार रुपए आहत थावरीबाई, निकिता व माला को दिलाने का आदेश भी न्यायालय ने किया।
आरोपी तुलसीबाई, माया व राहुल गिरफ्तारी दिनांक 22 फरवरी 2021 से जेल में बंद है।
यह दोष मुक्त

आरोपी विक्रम पिता कन्हैयालाल खराड़ी, ( 33) व उसकी छोटी बहन सागर पिता कांजी उर्फ कन्हैयालाल खराड़ी, (27) निवासी ठिकरिया को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
Hemant Bhatt