भाई बहन के प्रयास के बाद माता-पिता ने दी स्वीकृति तो चिकित्सा शिक्षा के लिए हितेश की हुई देहदान
⚫ 43 वर्ष की उम्र में हुआ निधन
⚫ परिजनों के बुलाने पर पहुंचे रेलवे चिकित्सालय
⚫ टटावत परिवार ने मांगा काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के सचिव गोविंद काकानी से सहयोग
⚫ सुंदरलाल पटवा मेडिकल कॉलेज मंदसौर को भेजी गई देह
हरमुद्दा
रतलाम, 14 जनवरी। लंबी बीमारी के बाद भाई ने संसार छोड़ दिया मगर दुख की इस घड़ी में भी सामाजिक सरोकार के तहत समाज सेवा का जज्बा रखा। भाई और बहन में माता-पिता को समझाया वे भी अपने बेटे की देहदान के लिए माने। रतलाम मेडिकल कॉलेज में देह रखने की जगह पूर्ण होने के चलते हितेश की देह सुंदरलाल पटवा मेडिकल कॉलेज मंदसौर को भेजी गई।
काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के सचिव गोविंद काकानी ने हरमुद्दा को बताया की हितेश कुमार पिता माणक लाल टटावत उम्र 43 वर्ष का लंबी बीमारी के पश्चात मंगलवार को स्वर्गवास हो गया। परिवार के सदस्य कपिल टटावत ने देहदान के लिए काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के सचिव गोविंद काकानी से इस पुनीत कार्य के लिए सहयोग मांगा।
रतलाम में नहीं थी देह दान की जगह

हितेश टाटावत
समाचार मिलते ही तत्काल रतलाम मंडल रेल चिकित्सा अस्पताल पहुंचकर देहदान के लिए डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडेय मेडिकल कॉलेज संपर्क किया, परंतु वहां पर रखने की व्यवस्था पूर्ण होने से नई समस्या उत्पन्न हो गई। ऐसे में मंदसौर सुंदरलाल पटवा मेडिकल कॉलेज डीन डॉक्टर शशि गांधी से संपर्क किया।
मंदसौर ने किया था देह दान के लिए निवेदन
जिन्होंने पूर्व में देहदान के लिए निवेदन किया था। उन्होंने प्रदेश शासन, जिला कलेक्टर और जिला रोगी कल्याण समिति गोविंद काकानी को कोऑर्डिनेट करने का पत्र बनाकर भेज दिया।
भाई बहन की सराहनीय पहल
इसके पूर्व बड़े भाई कपिल, बहन सोना ने पिता माणकलाल, माता कस्तूरी देवी टटावत को देहदान के लिए अथक प्रयास करके स्वीकृति ली।
तीन माह में पांच देहदान
समाजसेवी गोविंद काकानी ने बताया कि अब तक जिले से 5 देहदान 3 माह में हो चुके हैं। यह 6 वा देहदान है। रतलाम, मंदसौर और नीमच के शासकीय मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों के प्रेक्टिकल अनुभव के लिए मानव शरीरों की आवश्यकता होती है।
गॉड ऑफ़ ऑनर देने से मिल रहा है प्रोत्साहन

गॉड ऑफ़ ऑनर देते हुए
ऐसे में देहदान को लेकर मध्य प्रदेश शासन ने गार्ड ऑफ ऑनर देने की जो पहल से लोगों में तेजी से प्रोत्साहन मिल रहा है। सूर्यास्त के पहले गार्डन ऑफ़ ऑनर देने के लिए किए गए लगातार प्रयत्न में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, रेलवे अस्पताल, पत्रकार बंधु एवं समाजसेवियों की सराहनीय मदद से देहदान सम्मान पूर्वक हुआ।
दी अंतिम विदाई
रेलवे अस्पताल की ओर से डॉक्टर नरेश, स्टाफ बंधु, जिला प्रशासन की ओर से रोगी कल्याण समिति सदस्य काकानी, पत्रकार बंधु एवं परिवार सदस्यों ने पुष्पांजलि अर्पित कर अंतिम विदाई दी। रतलाम जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध करवाए शव वाहन से रात्रि 8 बजे मंदसौर मेडिकल कॉलेज देह व्यवस्थित पहुंचने की सूचना प्राप्त हो गई।
Hemant Bhatt