पुलिस की खास अपील : जरा सी चूक से खाली हो सकता है खाता
⚫ त्योहारी सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग करते समय कुछ बातों का रखें विशेष ध्यान
हरमुद्दा
रतलाम, 14 अक्टूबर।नवरात्रि, दशहरा और दीपावली जैसे आगामी त्योहारी सीजन में लोग अक्सर कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल और अन्य घरेलू सामानों की ऑनलाइन खरीदारी करते हैं। इस सुनहरे मौके का फायदा उठाने के लिए साइबर अपराधी भी पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। आकर्षक ऑफर्स, भारी-भरकम छूट, फर्जी वेबसाइट्स, सोशल मीडिया विज्ञापन और नकली डिलीवरी मैसेज के जरिए लोगों को ठगने के प्रयास किए जा रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार के निर्देशन में रतलाम पुलिस ने आमजन से अपील की है कि त्योहारी खरीदारी के दौरान ऑनलाइन लेन-देन करते वक्त अत्यधिक सतर्कता बरतें। किसी भी अनजान लिंक, संदिग्ध ऑफर या भुगतान संबंधी अनुरोध पर बिना जांच-पड़ताल के भरोसा बिल्कुल न करें।
साइबर ठगी के 6 प्रमुख तरीके और उनसे बचने के उपाय
भारी छूट और आकर्षक ऑफर के नाम पर ठगी
ठगी का तरीका : सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और अन्य माध्यमों पर महंगे सामान बाजार मूल्य से बहुत कम दाम पर बेचने के लुभावने विज्ञापन दिखाए जाते हैं। फर्जी वेबसाइट के जरिए भुगतान कराने के बाद सामान की डिलीवरी नहीं होती।
क्या सावधानी रखें
बहुत कम कीमत या असामान्य छूट देखकर तुरंत भुगतान न करें।
विक्रेता और वेबसाइट की विश्वसनीयता की अच्छी तरह जांच करें।
अनजान सोशल मीडिया पेज या व्हाट्सएप नंबर पर कभी अग्रिम भुगतान (Advance Payment) न करें।
फर्जी शॉपिंग वेबसाइट और नकली ऐप्स
ठगी का तरीका : प्रतिष्ठित ई-कॉमर्स कंपनियों की हूबहू नकल कर फर्जी वेबसाइट या ऐप्स तैयार किए जाते हैं, जिनके नाम और डिजाइन में हल्का अंतर होता है। इन पर कार्ड या बैंकिंग विवरण डालने से भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है।
क्या सावधानी रखें
हमेशा शॉपिंग वेबसाइट का सही नाम और वेब एड्रेस (URL) जांचें।
केवल आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत ऐप से ही खरीदारी करें।
अनजान लिंक या स्रोतों से APK फाइलें डाउनलोड करने से बचें।
व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर आने वाले फर्जी लिंक
ठगी का तरीका: “सीमित समय का ऑफर”, “फेस्टिव मेगा सेल” या “गिफ्ट जीतें” जैसे लुभावने संदेशों के साथ संदिग्ध लिंक भेजे जाते हैं, जिन पर क्लिक करते ही आप फर्जी जाल में फंस जाते हैं।
क्या सावधानी रखें
अनजान लोगों द्वारा भेजे गए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।
ऐसे ऑफर्स की पुष्टि हमेशा संबंधित कंपनी के आधिकारिक प्लेटफॉर्म से करें।
इनाम के लालच में अपनी निजी जानकारी साझा न करें।
फर्जी डिलीवरी और पार्सल अपडेट के नाम पर ठगी
ठगी का तरीका: त्योहारी सीजन में “आपका पार्सल रोक दिया गया है” या “पता अपडेट करें” जैसे फेक मैसेज भेजकर लिंक के जरिए बैंक विवरण या पैसे मांगे जाते हैं।
क्या सावधानी रखें
पार्सल की स्थिति केवल संबंधित ई-कॉमर्स कंपनी या कूरियर सेवा के आधिकारिक ऐप/वेबसाइट पर देखें।
पार्सल प्राप्ति के नाम पर अनजान व्यक्ति को स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस की अनुमति बिल्कुल न दें।
QR कोड स्कैन और UPI भुगतान के नाम पर ठगी
ठगी का तरीका: पैसे भेजने, रिफंड देने या ऑफर का झांसा देकर अपराधियों द्वारा QR कोड स्कैन कराया जाता है या UPI पिन दर्ज करवाया जाता है।
क्या सावधानी रखें
सामान्यतः पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी UPI पिन दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होती।
UPI पिन डालने से पहले स्क्रीन पर दिख रहे भुगतान विवरण को ध्यान से जांच लें।
फर्जी कस्टमर केयर नंबर
ठगी का तरीका: इंटरनेट पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर प्रसारित किए जाते हैं। शिकायत या रिफंड के लिए संपर्क करने पर ये ठग OTP, बैंक विवरण या स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स की मांग करते हैं।
क्या सावधानी रखें
कस्टमर केयर नंबर हमेशा कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से ही लें।
किसी के कहने पर AnyDesk या TeamViewer जैसे स्क्रीन शेयरिंग ऐप इंस्टॉल न करें।
ऑनलाइन खरीदारी के दौरान इन 10 गोल्डन नियमों का रखें ध्यान
⚫ हमेशा विश्वसनीय प्लेटफॉर्म से ही खरीदारी करें।
⚫ वेबसाइट का सही वेब एड्रेस (URL) जरूर जांचें।
बहुत ज्यादा छूट के लालच में आकर कभी जल्दबाजी न करें।
⚫ OTP, UPI PIN, ATM PIN और पासवर्ड भूलकर भी किसी से साझा न करें।
पैसे प्राप्त करने के नाम पर कभी भी UPI PIN दर्ज न करें।
⚫ अनजान लिंक से कोई भी ऐप या APK फाइल डाउनलोड न करें।
⚫ अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग ऐप इंस्टॉल न करें।
⚫ भुगतान करने से पहले प्राप्तकर्ता का नाम और राशि भली-भांति जांच लें।
⚫ अपने बैंक खाते और UPI लेन-देन के अलर्ट्स पर हमेशा ध्यान दें।
⚫ साइबर ठगी होने पर तुरंत शिकायत करें, बिल्कुल भी देर न करें।
साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत क्या करें?
यदि आप किसी ऑनलाइन धोखाधड़ी या ठगी का शिकार हो जाते हैं, तो घबराएं नहीं और तुरंत यह कदम उठाएं:
तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।
अपने नजदीकी पुलिस थाने या साइबर सेल में जाकर तुरंत शिकायत दर्ज करवाएं।
रतलाम पुलिस की अपील
रतलाम पुलिस आमजन से अपील करती है कि त्योहारी उल्लास के बीच साइबर सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क रहें। किसी भी लुभावने ऑफर, फर्जी डिलीवरी मैसेज, संदिग्ध लिंक या QR कोड पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें। इस महत्वपूर्ण जानकारी को अपने परिवार के सदस्यों, बच्चों, बुजुर्गों और डिजिटल लेन-देन से कम परिचित लोगों के साथ भी जरूर साझा करें, ताकि सभी का त्योहारी सीजन सुरक्षित और आनंदमय बीते।
Hemant Bhatt