कलेक्टर का कड़ा रुख: पेयजल समीक्षा बैठक में 3 में से 2 SDO गैरहाजिर, बैठक करना पड़ी निरस्त

कलेक्टर का कड़ा रुख: पेयजल समीक्षा बैठक में 3 में से 2 SDO गैरहाजिर, बैठक करना पड़ी निरस्त

प्रशासन की गंभीरता पर मैदानी अफसर ही फेर रहे पानी

⚫ EE को थमाया शो-कॉज नोटिस

⚫ एसडीओ बिंदिया चौहान एवं एसडीओ अमृत धाकड़ बिना किसी पूर्व सूचना के नदारद

हरमुद्दा
​रतलाम, 23 सितंबर। जिले में पेयजल और स्वच्छता जैसे बेहद संवेदनशील व जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रशासन की गंभीरता पर मैदानी अफसर ही पानी फेर रहे हैं। बुधवार को कलेक्टर अजय कटेसरिया द्वारा आयोजित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही की वजह से बिना किसी निर्णय के निरस्त करनी पड़ी।

कलेक्टर कटेसरिया

बैठक में PHE विभाग के तीन अनुविभागों के एसडीओ को आवश्यक विभागीय जानकारी और प्रगति रिपोर्ट के साथ उपस्थित होना था। हालांकि, सैलाना की एसडीओ बिंदिया चौहान एवं जावरा के एसडीओ अमृत धाकड़ बिना किसी पूर्व सूचना के नदारद रहे। जिले के 3 में से 2 एसडीओ की अनुपस्थिति पर कलेक्टर श्री कटेसरिया ने सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि जिन अधिकारियों से जुड़े कार्यों की समीक्षा होनी है, यदि वही गायब रहेंगे तो बैठक का मूल उद्देश्य ही खत्म हो जाता है। इसके चलते जिला जल एवं स्वच्छता समिति तथा 'वाश' (WASH) की बैठक रद्द कर दी गई।

कार्यपालन यंत्री (EE) पर गिरी गाज, अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी

अधिकारियों के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये को बेहद गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने PHE विभाग के कार्यपालन यंत्री (EE) सीताराम जांगड़े को कारण बताओ सूचना पत्र (Show-Cause Notice) जारी कर जवाब तलब किया है

कार्य पालन यंत्री से मांगा स्पष्टीकरण

नोटिस में कार्यपालन यंत्री से स्पष्टीकरण मांगा गया है कि उनके अधीनस्थ दोनों एसडीओ इतने महत्वपूर्ण आयोजन से किन कारणों से अनुपस्थित रहे। कलेक्टर ने अपने आदेश में उल्लेख किया है कि मातहतों पर नियंत्रण न रखना और बैठक से अनुपस्थित रहना पदीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही व उदासीनता है। यह म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 का स्पष्ट उल्लंघन होकर कदाचरण की श्रेणी में आता है।
​प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि यदि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक प्रति उत्तर प्राप्त नहीं होता है, तो कार्यपालन यंत्री के विरुद्ध नियम अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।