शिक्षकों के लिए नया टास्क : स्कूल में अब शिक्षक कुत्ते भी भगाते हुए आएंगे नजर
⚫ लोक शिक्षण संचालनालय ने दिया 8 सप्ताह का समय
⚫ प्रदेश के शिक्षा अधिकारियों को जारी किया फरमान
⚫ शासकीय के साथ ही अशासकीय विद्यालय को रखना होगी नजर
हेमंत भट्ट
बुधवार, 20 नवंबर। मध्य प्रदेश के लोक शिक्षण संचालनालय ने स्कूल में शिक्षकों को नया टास्क दिया है। अब शिक्षक कुत्ते भगाते हुए भी नजर आएंगे। संचालनालय ने कहा, स्कूल परिसर और उसके आसपास कहीं भी छात्रों के पास कुत्ते नजर आए, तो उन्हें भगाएं। कई सारी व्यवस्था करने के साथ ही जागरूक करने के भी निर्देश दिए हैं। प्रत्येक स्कूल को एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त करना होगा, जो कुत्तों के साथ ही साफ सफाई भी देखेगा।

लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक डीएस कुशवाहा द्वारा हस्ताक्षरित आदेश में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा 7 नवंबर 2025 को पारित आदेश का हवाला देते हुए निर्देशित किया है।
उच्चतम न्यायालय ने 7 नवंबर 2025 को दिया है आदेश
माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेश 07 नवंबर 2025 के तहत बिंदुवार कार्रवाई 8 सप्ताह के भीतर करना है। जिला शिक्षा अधिकारी को भेजे गए पत्र में समस्त शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों को दिशा निर्देश जारी करने का अनुरोध किया हैं।
⚫ प्रत्येक शाला परिसर पर्याप्त बाड़, चारदीवारी, चैनलिंग फैन्सिंग और ऐसे अन्य संरचनात्मक उपायों से सुरक्षित हो जो आवारा कुत्तों के प्रवेश को रोकने के लिए आवश्यक है। यह कार्य यथाशीघ्र 08 सप्ताह की अवधि के भीतर पूरा करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का कष्ट करें।
⚫ शैक्षणिक संस्थानों, को सुरक्षित करने के लिए किए गए उपायों के साथ ही सभी सरकारी चिकित्सालयों में एंटी रेबीज टीके और इम्यूनोग्लोबलिन की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक समन्वय स्थापित किया जाए।
⚫ छात्रों और कर्मचारियों को जानवरों के व्यवहार, काटने की स्थिति में प्राथमिक उपचार और तत्काल रिपोर्टिंग प्रोटोकॉल पर जागरूकता सत्र आयोजित करें। इस संबध में पी.टी.एम. शिक्षक पालक संघ की बैठक में अभिवावको को जागरूक करें।
⚫ प्रत्येक विद्यालय द्वारा एक लोक सेवक को नोडल अधिकारी नामांकित किया जाए, जो परिसर के रख-रखाव और सफाई संबंधी व्यवस्थाओं के प्रभारी होंगे। उक्त अधिकारी का विवरण प्रवेश द्वार पर प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा और क्षेत्राधिकार वाले नगर निकाय/प्राधिकरण को सूचित किया जाएगा।
विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे या कुत्ते भगाएंगे शिक्षक
मध्य प्रदेश सरकारी स्कूल के शिक्षक अपने विभाग के अजब-गजब फरमानों से लगातार हलकान भी रहते है। अब संचालनालय के ताजा फरमान ने शिक्षकों को एक बार फिर से मुश्किल में डाल दिया है। विभाग के फरमान ने शिक्षकों को आवारा कुत्तों से निपटने का ताजा टास्क दे दिया है। शिक्षक आखिर वे बच्चों को पढ़ाएंगे या कुत्तों को भगाएंगे।
स्कूल से दूर रखें आवारा कुत्तों को
प्रदेश के सभी शिक्षा अधिकारियों को भेजे गए पत्र में कहा गया कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को आवारा कुत्तों से सुरक्षा के उपाय में लग जाएं। पत्र में इस बात का निर्देश जारी किया गया है कि स्कूल प्रबंधन इस बात ख्याल रखे कि कुत्ते स्कूल के आसपास न भटके और स्कूल कैंपस में कुत्ते आकर न बैठें। जारी सरकारी फरमान में स्कूलों को निर्देश दिया गया है, आवारा कुत्तों को स्कूल से दूर रखना सुनिश्चित करें। साथ ही विद्यालय परिसर में ऐसी कोई जगह न बनने दें। जहां कुत्ते आकर बैठते हो।
Hemant Bhatt