घटना के बाद आक्रोश : बोधी इंटरनेशनल स्कूल के बाहर धरना प्रदर्शन, मुर्दाबाद के लगे नारे, कई बार उठे गेट पर ताला लगाने
⚫ मामला प्रिंसिपल की प्रताड़ना के बाद छात्र द्वारा कूदने का
⚫ स्कूल बंद करने और जिम्मेदारों पर एफआईआर दर्ज करवाने की करते रहे मांग
⚫ जिला शिक्षा अधिकारी को बुलाया मौके पर
⚫ पुलिस एवं जिला प्रशासन के अधिकारी देते रहे समझाइश
हरमुद्दा
रतलाम, 29 नवंबर। बोधी इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ने वाले 14 वर्ष के खिलाड़ी विद्यार्थी द्वारा छत से कूदने के मामले में शनिवार को आक्रोश पनप गया। आदिवासी समाज ने स्कूल के बाहर धरना प्रदर्शन कर मुरादाबाद के नारे लगाए। स्कूल के गेट पर कई बार ताला लगाने के लिए भी उठे। जिला प्रशासन अधिकारी उन्हें समझाते रहे। जिला शिक्षा अधिकारी को मौके पर बुलाने मांग पर सड़क पर बैठ गए। नारेबाजी चलती। पुलिस के अधिकारी मौके पर बल के साथ मौजूद रहे।

शनिवार को 12 बजे आदिवासी समाज के नेता बोधी इंटरनेशनल स्कूल के बाहर मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए स्कूल को बंद करने के साथ ही स्कूल के जिम्मेदारों पर एफआईआर दर्ज करवाने की मांग पर अड़े रहे। जिला प्रशासन की तरफ से तहसीलदार ऋषभ ठाकुर उन्हें समझाते नजर आए। मगर जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा जो की जिला पंचायत में शिक्षा समिति के अध्यक्ष भी हैं, वे किसी की एक सुनने को तैयार नहीं थे उनका यही कहना था कि पहले एफआईआर कीजिए और जिला शिक्षा अधिकारी को मौके पर बुलाएं। यह बात करते हुए सभी नीचे सड़क पर बैठ गए। सभी की एक ही मांग थी कि स्कूल को बंद किया जाए। एफआईआर दर्ज नहीं करने की बात पर स्कूल प्रशासन, जिला प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाते रहे।
जिम्मेदारों ने की अमानवीय हरकत

छात्र की दादी मीरा कटरा और दो मौसी
धरना स्थल पर छात्र की दादी मीरा कटारा, मौसी पूजा चारेल, सोनिया भाभर, मौसा प्रकाश भाभर, सुभाष चारेल, भाई प्रत्यूष कटारा आदि सभी का कहना है कि जिम्मेदारों ने छात्र के साथ अमानवीय हरकत की। वह बार-बार सॉरी सॉरी बोलता रहा, मगर प्राचार्य डाली चौहान ने उसकी एक नहीं सुनी। उसके मेडल छिनने और स्कूल से निकालने की बात करती रही। ऐसे गैर जिम्मेदार लोगों पर एफआईआर होनी चाहिए, जब तक ऐसा नहीं होगा हम यहां से नहीं हटेंगे। बच्चों को अहमदाबाद रेफर किया है वहां उपचार चल रहा है। अब तो उसका जीवन बर्बाद हो गया कभी खेल नहीं पाएगा। चल भी पाएगा कि नहीं पता नहीं।
यह सभी बैठे रहे धरने पर
जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा, मध्य प्रदेश भील विद्यार्थी मोर्चा के प्रदेश संयोजक दिनेश माल, चंदू मइड़ा, किशन सिंघाड़, ध्यान वीर, शैलेंद्र हाडा, सरपंच संघ अध्यक्ष छोटू भाई भाभर, नारायण डोडियार, अमन सिंगार सहित दर्जनों लोग सड़क पर बैठे रहे और कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े रहे।
इतने सारे मेडल अर्जित करना मामूली बात नहीं

दिनेश माल ने तहसीलदार श्री ठाकुर, जिला शिक्षा अधिकारी अनीता सागर उपसंचालक शिक्षा राहुल मंडलोई मेडल दिखाते हुए हुए कहा कि यह 14 साल की उम्र में इतने सारे मेडल अर्जित करना कोई मामूली बात नहीं है। वह बहुत मेहनती खिलाड़ी है। खिलाड़ी भावना थी। कई बार वह हारा लेकिन उन घटना से वह जरा भी नहीं घबराया, जितना की प्रिंसिपल ने उसे 4 मिनट में प्रताड़ित कर दिया। भविष्य की चिंता व घबराहट में ऐसा नादानी का कदम उठाने को विवश हो गया। हमारी एक ही मांग है कि ऐसे निर्दयी स्कूल पर ताला लगाया जाए और जिम्मेदारों पर एफआईआर की जाए।

जिला शिक्षा अधिकारी मेडल दिखाते हुए दिनेश माल
जिम्मेदारों ने की चर्चा

जिला शिक्षा अधिकारी और तहसीलदार चर्चा करते हुए
तहसीलदार श्री ठाकुर जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती सागर, उपसंचालक शिक्षा श्री मंडलोई, विवेक नागर, औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी, दीपेंद्र सिंह ठाकुर मामले को लेकर चर्चा करते रहे।
जांच के बाद होगी कार्रवाई

ताला लगाने आए आदिवासी नेताओं को समझाते हुए
जिम्मेदार अधिकारी चर्चा कर ही रहे थे, तब तक आक्रोशित लोग गेट पर ताला लगाने के लिए आतुर हो गए उन्हें फिर समझाया और बताया कि जांच के बाद जो भी जिम्मेदार दोषी निकलेंगे, उन पर एफआईआर होगी और कार्रवाई की जाएगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा। इस बात पर भी संतुष्ट नहीं हुए और पूरी सड़क घर कर बैठ गए। हालांकि यातायात जाम नहीं हो सका। पुलिस बल ने आसपास के रास्ते से वाहन चालकों को डाइवर्ट कर दिया।
सोमवार को बताएंगे क्या हुई कार्रवाई
धरने पर बैठे सभी को काफी समझाया गया, उन्हें बताया गया कि जांच की जाएगी। समिति बना दी गई है। दोषियों के उपर कार्रवाई की जाएगी। क्या कार्रवाई की गई है। इसकी जानकारी सोमवार को दे दी जाएगी। इसके बाद सभी उठ गए।
⚫ ऋषभ ठाकुर, तहसीलदार, रतलाम
Hemant Bhatt