सामाजिक सरोकार : भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा मध्यप्रदेश ने विभिन्न मांगों को लेकर दिया ज्ञापन
हरमुद्दा
रतलाम, 12 सितंबर। अंतरराष्ट्रीय आदिवासी अधिकार दिवस पर भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा मध्यप्रदेश के नेतृत्व में रतलाम जिला कलेक्टर कार्यालय में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया। पूरे भारत देश के सभी राज्यों सभी जिलों में, एक साथ ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन के माध्यम से विभिन्न मांगे रखी गई। मांगे नहीं मानी गई तो आंदोलन किया जाएगा।

दिनेश माल ने बताया कि भारत भूमि के आदिवासियों के ज्वलत समस्याओं को उल्लिखित संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण अनुपालना करवाने के लिए विभिन्न न्यायालय के एवं सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले कैलाश बनाम महाराष्ट्र सरकार 5 जनवरी 2011, देश का मालिक आदिवासी एवं देश के 12 करोड़ आदिवासियो के हितों की रक्षा, जमीनो में आदिवासी का श्वेत पत्र जारी, आदिवासियों का विस्थापन और रतलाम ग्रामीण निवेश क्षेत्र निरस्त करने, जनगणना में आदिवासियों के लिए सेपरेट धर्मकोट कलाम की मांग, आदिवासी भाषाओं को आठवीं अनुसूची में शामिल, जल आरक्षण, वनो में परंपरागत रहने वाले आदिवासियों को वन अधिकार, आदिवासी क्षेत्रों में अंग्रेजी शराब प्रतिबंध, विश्व आदिवासी दिवस पर राष्ट्रीय अवकाश, ट्राइबल सब प्लान बजट का सदुपयोग, दिल्ली और अनुसूचित क्षेत्र राज्यों में आदिवासी भवन की मांग, वन नेशन वन एजुकेशन सिस्टम पॉलिसी लागू हो,
अनुसूचित जनजाति एक्ट अत्याचार निवारण कानून 1989, पेसा कानून, वन अधिकार कानून 2006 को प्रभावी रूप से लागू किया जाए। फर्जी अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र की जांच करके निरस्त किया जाए।
बेलेट पेपर से कराएं चुनाव
जिला स्तरीय जनजाति सलाहकार परिषद का गठन, आदिवासियों के ऊपर फर्जी नक्सलवाद का आरोप मानव अधिकारों का उल्लंघन, राष्ट्रीय चुनाव आयोग ईवीएम मशीन को बंद करके बेलेट पेपर पर चुनाव कराया जाए। लोकतंत्र को बचाया जाए।
मांगे नहीं मानी तो आंदोलन
संगठन ने ज्ञापन में कहा आदिवासी समाज की सामूहिक आवाज है, संवैधानिक विधि एवं ठोस कार्रवाई करते हुए आदिवासियों के साथ हुए अन्याय की भरपाई सुनिश्चित करने की मांग कहीं, अन्यथा पूरे भारत देश में आदिवासी समाज आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
यह थे मौजूद
ज्ञापन देने में उपस्थित संगठन भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा, आदिवासी परिवार समस्त सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी सदस्य सामाजिक लोग शामिल रहे।
Hemant Bhatt