हाल हकीकत : यातायात व्यवस्था, पुलिस के दावे कागजी, मैदान में जनता बेहाल
⚫ पार्किंग स्थल के संकेतक आधे अधूरे
⚫ यूरिन की बदबू से गुजरना पड़ेगा वाहन चालकों को
⚫ चांदनी चौक पार्किंग स्थल पर विद्युत व्यवस्था का अभाव
⚫ दुकानों के सामने अतिक्रमण
हरमुद्दा
रतलाम, 4 नवंबर। त्योहारों का सीजन आते ही रतलाम के मुख्य बाजारों में रौनक बढ़ जाती है, लेकिन इसके साथ ही आम जनता के लिए मुसीबतें भी कई गुना बढ़ जाती हैं। दीपोत्सव के मद्देनजर यातायात पुलिस ने बाजारों में सुचारू आवागमन और पार्किंग के दावे तो बड़े-बड़े किए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। पुलिस की आधी-अधूरी तैयारियों और प्रशासनिक उदासीनता के कारण स्थिति यह है कि प्रमुख बाजारों में पैदल चलना भी दूभर हो गया है।

चांदनी चौक का पार्किंग स्थल
कागजी योजना और मैदानी नाकामी
यातायात पुलिस ने दीपोत्सव (संभावित 11 नवंबर तक) के लिए शहर में कई स्थानों पर पार्किंग स्थल बनाएं हैं। पुलिस की मंशा अच्छी थी कि दुकानदार अपने वाहन पास के स्कूलों या निश्चित स्थानों पर खड़े करें ताकि आम नागरिक आसानी से खरीदारी कर सकें। मगर संकेतक व्यवस्थित नहीं है। वाहन चालक सड़क पर देखकर वहां चलना है ना कि ऊपर पहली मंजिल पर देखकर। डॉ देवी सिंह की गली में यही आलम है गली के ऊपर एक वोट शाम को लगा। मगर सड़क पर कोई ऐसा चिह्न नहीं है।
पुलिस की सीमित नजर: पुलिस का पूरा फोकस केवल नाहरपुरा से चांदनी चौक तक के सीमित दायरे पर है। इसके विपरीत, शहर सराय, लोकेंद्र टॉकीज, मदीना मस्जिद, गौशाला रोड, त्रिपोलिया रोड चांदनी चौक और आबकारी चौराहा जैसे व्यस्त इलाकों से पुलिसकर्मी पूरी तरह नदारद नजर आते हैं, जिससे इन क्षेत्रों में वाहन चालकों की मनमानी जारी है। ऑटो और इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहनों की सड़कों पर लंबी-लंबी कटारे लिखी हुई है जो की यातायात में बाधक बनी हुई है।
झांकीबाजी तक सीमित अमला: अधिकारी शाम के वक्त मुख्य चौराहों पर पुलिस वाहन (डायल 112) खड़े कर औपचारिकता निभाते दिखते हैं, जबकि कुछ ही दूरी पर सड़कों पर जाम लगा रहता है। और कुछ लोग उनसे गुफ्तगू करते रहते हैं ताकि उनसे नजदीकियां बढ़ जाए। बुधवार की शाम को तोपखाना से चांदनी चौक की तरफ मार्ग पर नगर निगम का कचरा वाहन आ रहा था जो की बार-बार रुक रहा था, चल रहा था, यातायात जाम हो रहा था।
दुकानदारों का अतिक्रमण और पुलिस की लाचारी
चांदनी चौक से चौमुखी पुल तक का हाल सबसे बुरा है। यहां दुकानदारों ने नियमों को ताक पर रख दिया है।

5 फीट आगे स्वागत द्वार: दुकानदारों ने अपनी दुकानों से करीब 5 फीट आगे तक स्थायी और अस्थायी स्वागत द्वार तान दिए हैं, जिन्हें हटाने की हिम्मत यातायात पुलिस जुटा नहीं पा रही है।
सड़क पर सजे पुतले और वाहन: कपड़ों की दुकानों के बाहर सड़क तक पुतले सजाए गए हैं। ग्राहकों और दुकानदारों के दोपहिया वाहन दुकानों के ठीक सामने खड़े रहते हैं, जिससे सड़क की चौड़ाई सिमटकर रह गई है।

आवारा मवेशियों का आतंक: चांदनी चौक से चौमुखी पुल जाने वाले मार्ग और सिंगदाने वाले मोड़ पर मवेशियों का खुलेआम डेरा रहता है, जो जाम और हादसों का मुख्य कारण बन रहा है।
पार्किंग स्थलों पर सन्नाटा, सूचना का अभाव और बदहाली
पुलिस द्वारा घोषित पार्किंग स्थलों पर न तो उचित दिशा-निर्देश (बैनर-पोस्टर) हैं और न ही बुनियादी सुविधाएं

सूचना का अभाव: नाहरपुरा में पार्किंग का निशान तो है, लेकिन स्पष्ट नहीं है कि वाहन कहां खड़ा करना है। किरण टॉकीज (महालक्ष्मी परिसर) पार्किंग को लेकर बैनर-पोस्टर न होने के कारण जब लोग दुकानों के सामने वाहन खड़े करते हैं, तो दुकानदार विवाद करते हैं।

डॉ. देवीसिंह की गली: यहां पार्किंग स्थल तो बनाया गया है, लेकिन कोई इंडिकेशन या बोर्ड नहीं होने से लोग भ्रमित हैं।
चांदनी चौक पार्किंग की दयनीय स्थिति: चांदनी चौक के पास बनाए गए पार्किंग स्थल पर आने-जाने का मार्ग बेहद संकरा और फिसलन भरा है। वहां न रोशनी की व्यवस्था है और न ही साफ-सफाई। क्षेत्र में यूरिन की बदबू और गंदगी के अंबार के बीच लोग अपनी गाड़ियां पार्क करने को मजबूर हैं।
अव्यावहारिक स्थान: ईदगाह के पास सुतारों का वास जैसे क्षेत्रों में पार्किंग बना दी गई है, जबकि वहां से मुख्य बाजार (चांदनी चौक) पहुँचने के लिए लोगों को 1 किलोमीटर से ज्यादा का चक्कर काटकर तोपखाना होते हुए जाना पड़ता है। ऐसे में इन दूरदराज के पार्किंग स्थलों का उपयोग न के बराबर हो रहा है।A
नागरिकों के लिए जारी किए गए आधिकारिक पार्किंग स्थल (सूची)
⚫ माणकचौक थाना के सामने शासकीय स्कूल: माणकचौक के दुकानदारों के वाहन हेतु।
⚫ धनजीबाई का नोहरा: दोपहिया वाहन।
⚫ ईदगाह के पास सुतारों का वास: दोपहिया एवं चारपहिया वाहन।
⚫ आजाद चौक (चांदनी चौक): दोपहिया वाहन।
⚫ डॉ. देवीसिंह की गली: दोपहिया वाहन।
⚫ चौड़ावास, रामगढ़: दोपहिया वाहन।
⚫ अमृतसागर तालाब के किनारे: दोपहिया एवं चारपहिया वाहन।
⚫ गौशाला रोड, 60 घर का नोहरा: दोपहिया वाहन।
जैन स्कूल: समस्त प्रकार के वाहन।
⚫ महालक्ष्मी परिसर (पुरानी किरण टॉकीज): समस्त प्रकार के वाहन।
⚫ सज्जन मिल: राम मंदिर बाजार में खरीदारी करने वाले नागरिकों के वाहन।
⚫ पुरानी फूल मंडी: दोपहिया वाहन।
निष्कर्ष और जनहित की मांग
त्योहार के इस उल्लास के बीच रतलाम के आम नागरिक भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी झेल रहे हैं। यातायात पुलिस की यह व्यवस्था कागजों पर भले ही चाक-चौबंद दिखे, लेकिन मैदानी स्तर पर यह पूरी तरह 'झांकीबाजी' साबित हो रही है।
प्रशासन और यातायात विभाग से पुरजोर मांग है कि:
⚫ बाजारों में अतिक्रमण कर 5-5 फीट आगे बढ़े स्ट्रक्चरों और स्वागत द्वारों को तुरंत हटाया जाए।
⚫ सभी पार्किंग स्थलों पर बड़े और स्पष्ट बैनर-पोस्टर लगाए जाएं ताकि जनता को कन्फ्यूजन न हो।
⚫ चांदनी चौक और आसपास के पार्किंग स्थलों पर रोशनी, साफ-सफाई और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
⚫ पुलिसकर्मी केवल चौराहों पर खड़े होने के बजाय पेट्रोलिंग बढ़ाएं और सड़क पर बेतरतीब खड़े वाहनों पर सख्त चालानी कार्रवाई करें।
Hemant Bhatt