कारोबार सरोकार : निर्यात के जरिए साकार होगा स्वर्णिम मध्य प्रदेश का सपना

यह कार्यशाला रतलाम जिले तथा संपूर्ण मध्य प्रदेश को निर्यात क्षेत्र में नए शिखर पर ले जाने और 'विकसित भारत @2047' के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

कारोबार सरोकार : निर्यात के जरिए साकार होगा स्वर्णिम मध्य प्रदेश का सपना

⚫ रतलाम में 'Viksit Madhya Pradesh @ 2047 through Exports' विषय पर हुआ राष्ट्रीय सेमिनार

⚫ उत्पाद की गुणवत्ता से कभी न करें समझौता: मंडल रेल प्रबंधक

⚫ 150 से अधिक औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि एवं उद्यमी हुए शामिल

हरमुद्दा
​रतलाम, 1 अक्टूबर। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय, भारत सरकार के एमएसएमई-विकास कार्यालय इंदौर द्वारा जिला प्रशासन एवं पश्चिम रेलवे रतलाम के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार सह कार्यशाला का आयोजन रतलाम में किया गया। प्रोक्योरमेंट एंड मार्केटिंग सपोर्ट (PMS) योजना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय "Viksit Madhya Pradesh @ 2047 through Exports" रहा, जिसमें 150 से अधिक औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों एवं उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

उत्पाद की गुणवत्ता से कभी न करें समझौता: मंडल रेल प्रबंधक

मालवा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश सचिव वरुण पोरवाल ने हरमुद्दा को बताया कि ​कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पश्चिम रेलवे रतलाम के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) अश्विनी कुमार ने उद्यमियों को संबोधित करते हुए गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, "उद्यमी अल्पकालिक लाभ के चक्कर में दीर्घकालिक नुकसान का जोखिम न उठाएं। वैश्विक बाजार में पहचान बनाने के लिए अपने उत्पाद की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न करें।"

​ मुख्य अतिथि डीआरएम का आगमन

अवलोकन

एमएसएमई और निर्यात को बढ़ावा देने की प्रमुख योजनाओं पर मंथन

​कार्यशाला के दौरान उपस्थित विशेषज्ञों एवं अधिकारियों द्वारा एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करने के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं और आधुनिक व्यापार पद्धतियों पर विस्तृत जानकारी दी गई।

⚫ ​सरकारी योजनाएं व नीतियां: पीएमएस (PMS) योजना, वित्तीय सहायता, RAMP स्कीम, ZED स्कीम तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक 2026 की बारीकियों से अवगत कराया गया।

⚫ ​मार्केटिंग व ई-कॉमर्स: GeM पोर्टल, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और मध्य प्रदेश एमएसएमई विभाग की योजनाओं का लाभ उठाने के तरीके बताए गए।

⚫ ​निर्यात व पैकेजिंग सहायता: भारतीय डाक विभाग की 'डाक निर्यात योजना', भारतीय पैकेजिंग संस्थान (IIP) द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर की पैकेजिंग, और SIDBI की विभिन्न वित्तीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की गई।

​विभिन्न विभागों और औद्योगिक संगठनों की रही गरिमामयी मौजूदगी

​ सेमिनार में मौजूद उद्यमी एवं अधिकारी

सेमिनार में केंद्रीय व राज्य स्तरीय विभागों के अधिकारियों और औद्योगिक संगठनों के प्रमुख प्रतिनिधियों ने शिरकत की।

⚫ ​एमएसएमई व राज्य प्रशासन

एमएसएमई-विकास कार्यालय इंदौर के संयुक्त निदेशक व कार्यालय प्रमुख नीरज अरोरा, सहायक निदेशक गौरव गोयल व विकास, एमएसएमई विभाग इंदौर संभाग के संयुक्त निदेशक एस. एस. मंडलोई, DIC रतलाम के महाप्रबंधक अतुल बाजपई; MPIDC उज्जैन के महाप्रबंधक श्री तोमर।

⚫ ​संस्थान व विशेषज्ञ

IIP अहमदाबाद के संयुक्त निदेशक डॉ. बिधन दास, डाक विभाग के सुपरिंटेंडेंट राजेश कुमावत, SIDBI इंदौर के महाप्रबंधक यशवंत कुलकर्णी व रतलाम शाखा से  समीर पांडेय, BIS भोपाल के साइंटिस्ट-ई मोहम्मद तौसीफ, FIEO इंदौर के चैप्टर हेड अमित कुमार बरेठा, IIT मुंबई ट्रेनर व सोलर कंसलटेंट देवेंद्र ठाकरे, ग्लोबल ट्रेड हाउस से रजनीश शर्मा, GeM भोपाल से मुज़म्मिल क़ुरैशी, BSPL इंदौर से गौरव थारवानी तथा MP लघु उद्योग निगम से CA शिवानी लोधी।

⚫ ​औद्योगिक संगठन

मालवा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश सचिव वरुण पोरवाल, लघु उद्योग भारती रतलाम से अनिल सारडा, संजय व्यास, सचिव ललित चोपड़ा व महिला विंग की अध्यक्ष सुमित्रा अवतानी, नमकीन एंड अलाइड फूड क्लस्टर (NAFC) रतलाम के अध्यक्ष वैभव जैन तथा डिविशनल इंडस्ट्री एसोसिएशन रतलाम के अध्यक्ष संदीप व्यास।

मौके पर ही समस्याओं का समाधान

​कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने उद्यमियों की शंकाओं और व्यापार से जुड़ी समस्याओं का मौके पर ही समाधान प्रदान किया। यह कार्यशाला रतलाम जिले तथा संपूर्ण मध्य प्रदेश को निर्यात क्षेत्र में नए शिखर पर ले जाने और 'विकसित भारत @2047' के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।