सृजन अभी-अभी : "अक्षय तृतीया यानी शुभ मुहूर्त पयार्य"

अक्षय तृतीया, एक अबूझ मुहूर्त वाली तिथि है। इस दिन बिना किसी शुभ मुहूर्त के कोई भी शुभ काम किया जा सकता है। यह दिन हिंदू धर्म में खास महत्व रखता है। अक्षय तृतीया को भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम का जन्मोत्सव मनाया जाता है।

सृजन अभी-अभी : "अक्षय तृतीया यानी शुभ मुहूर्त पयार्य"

प्रोफ़ेसर अज़हर हाशमी

परशुराम के तेज का, आखा तीज सबूत। 
परशुराम का अर्थ है, शौर्य-सत्य के दूत ॥

अक्षय तृतीया यानी, परशुराम अवतार। 
सहस्त्रार्जुन का किया, जिन्होंने संहार॥

अक्षय तृतीया यानी, शुभता का अध्याय। 
अबूझ मुहूर्त से जुड़ा, इस तिथि का अभिप्राय।।

अक्षय तृतीया सबकी, धनी हो अथवा दीन। 
इसमें सिद्धि-अभिलाषी, बली और बलहीन।।

न तो देखो चौघड़िया, न जंत्री के उपाय। 
अक्षय तृतीया यानी, शुभ मुहूर्त पर्याय।।

⚫ प्रोफ़ेसर अज़हर हाशमी