रतलाम में नीलगाय का शिकार: विद्युत तार से दुर्घटना या साजिश?
⚫ वन विभाग ने दो आरोपियों को दबोचा
⚫ डॉग स्क्वाड की मदद से जुटाए गए साक्ष्य
⚫ पोस्टमार्टम और शवदाह
हरमुद्दा
रतलाम, 24 सितंबर। रतलाम वन मंडल के एवरिया बीट के समीप राजस्व क्षेत्र में एक नीलगाय के शिकार का मामला सामने आया है। वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

घटना का विवरण और त्वरित कार्रवाई
20 सितंबर 2026 की दोपहर लगभग 1:50 बजे वनमंडलाधिकारी (DFO) डॉ. अनुभा त्रिवेदी को नीलगाय की मृत्यु की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही उन्होंने तत्काल प्रभारी वनपरिक्षेत्राधिकारी रतलाम के नेतृत्व में एक विशेष दल का गठन किया। गठित दल ने रतलाम वन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक पी-2 (बीट एवरिया) के पास स्थित राजस्व क्षेत्र का निरीक्षण किया। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक, मध्य प्रदेश द्वारा जारी एसओपी (SOP) के तहत कार्रवाई शुरू की गई।
डॉग स्क्वाड की मदद से जुटाए गए साक्ष्य
घटनास्थल के 50 मीटर दायरे की घेराबंदी कर डॉग स्क्वाड की मदद से गहन छानबीन की गई। प्राथमिक स्थल पर नीलगाय के बाल मिले, जबकि द्वितीय स्थल (रामचंद्र पिता अम्बाराम डोडियार के खेत) से मिट्टी में चिपके बाल, उखड़ी हुई खूंटियां और शिकार में प्रयुक्त विद्युत तार जब्त किए गए।
पोस्टमार्टम और शवदाह
शिवपुर पशु चिकित्सालय के वन्यजीव चिकित्सक डॉ. देवेंद्र अलावा ने नीलगाय का पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट के अनुसार, कुत्तों द्वारा खाए जाने के कारण मृत नीलगाय के पिछले अंग क्षत-विक्षत हो चुके थे। इसके बाद, वनमंडलाधिकारी रतलाम, नायब तहसीलदार, उपसरपंच, पंच एवं वन अधिकारियों की उपस्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत शवदाह (भस्मीकरण) किया गया।
दो आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
मामले में वन अपराध दर्ज कर पुलिस व वन विभाग की संयुक्त सतर्कता से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
⚫ विजय पिता बसंतीलाल निनामा (उम्र 29 वर्ष), निवासी खाकरापाड़ा, तहसील रतलाम
⚫ कैलाश पिता धुलजी भंवर (उम्र 44 वर्ष), निवासी ग्राम सेवरिया, तहसील रतलाम
अन्य पहलुओं की जांच
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी विवेचना जारी है और शिकार के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
Hemant Bhatt