रतलाम के कॉलोनाइजर मनीष सुराणा का कारनामा, इंदौर के ज्वेलर्स ने करवाई एफआईआर

रतलाम के कॉलोनाइजर मनीष सुराणा का कारनामा, इंदौर के ज्वेलर्स ने करवाई एफआईआर

नया मामल गोल्ड काम्पलेक्स की जमीन में ठगी का

⚫ मनीष पर फर्जी मुख्त्यारनामा दिखाकर बयाना राशि हड़पने का आरोप

⚫ अवैध कॉलोनी की भी पहले शिकायत हुई है  दर्ज

हरमुद्दा
रतलाम, 20 फरवरी। रतलाम के कॉलोनाइजर मनीष सुराणा का एक और कारनामा उजागर हुआ है। इंदौर के ज्वेलर्स ने मनीष के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। फर्जी मुख्त्यारनामा दिखाकर बयाना राशि हड़पने का आरोप भी लगाया है। अवैध कॉलोनी के मामले में पहले भी शिकायत दर्ज हुई है। 

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इंदौर के सिलीकान सिटी निवासी फरियादी देवेन्द्र सोनी पिता स्व. राजेन्द्रकुमार सोनी ने लिखित शिकायत की है। शिकायत पर स्टेशन रोड थाना पुलिस ने कालोनाइजर मनीष सुराणा के विरुद्ध धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है।

हुआ ऐसा

इंदौर जाकर मनीष ने देवेंद्र से कहा गोल्ड कॉम्लेक्स में जमीन का सौदा करने का

फरियादी सोनी ने बताया कि वे इंदौर में श्री ज्वेलर्स नाम से सोना-चांदी का व्यवसाय संचालित करते हैं और मूलतः रतलाम जिले के निवासी हैं। देवेंद्र के परिचित मनीष सुराणा जमीन दलाल एवं कालोनाइजर का कार्य करते हैं। 2024 में फरवरी सुराणा इंदौर स्थित निवास पर आए और रतलाम शहर की गोल्ड काम्पलेक्स स्थित भूमि का सौदा कराने की बात कही।

दिखाए दो मुख्तियार नामे

सुराणा ने दो आम मुख्त्यारनामा (पावर आफ आटर्नी) दिखाए, जिनमें मेहरूननिसा पुत्री अब्दुल गफ्फार खान निवासी छोटी सरवन बांसवाड़ा, राजस्थान एवं नासिर खान पुत्र सलीम खान निवासी बाईजी का वास रतलाम को पक्ष-1 तथा स्वयं को मुख्त्यारग्राही

मुख्त्यारनामा पर ई-स्टाम्प संलग्न नहीं

भूमि सर्वे क्रमांक 105 रकबा 0.20 हेक्टेयर एवं सर्वे क्रमांक 106 कुल रकबा 12 बीघा 06 बिस्वा कस्बा रतलाम में दर्शाई गई। मुख्त्यारनामा पर ई-स्टाम्प संलग्न नहीं थे। पूछताछ पर सुराणा ने कहा कि ई-स्टाम्प नासिर खान के पास हैं। 

भूमि को लेकर दीवानी वाद लंबित

भूमि को लेकर दीवानी वाद लंबित होने की बात पर आश्वासन दिया गया कि फैसला पक्ष में आने की संभावना है अन्यथा बयाना राशि लौटा दी जाएगी।

62 करोड़ में हुआ सौदा

देवेंद्र ने पुलिस को बताया कि प्रारंभिक मांग 70 करोड़ रुपए की थी, जिसे मोलभाव के बाद 62 करोड़ रुपए तय किया गया। चार दिन बाद सुराणा इंदौर पहुंचे और टाइप सौदा चिट्ठी दिखाई, जिसमें 35 लाख रुपए बयाना प्राप्ति का उल्लेख था। गवाह के रूप में नरेन्द्र पटेल एवं कमलेश पंथी की उपस्थिति में 35 लाख रुपए नकद दिए गए। बाद में ई-स्टाम्प नहीं देने पर संदेह हुआ।

नासिर ने कहा मिले मुझे 5 लाख

देवेंद्र रतलाम आकर नासिर खान से मिले तो उसने किसी प्रकार का मुख्त्यारनामा निष्पादित करने से इनकार किया, हालांकि पांच लाख रुपए मिलने की बात कही। शेष 30 लाख रुपए मनीष सुराणा के पास होना बताया। तब मामले में गड़बड़ नजर आई और रिपोर्ट दर्ज करवाई।

अवैध कॉलोनी की हुई है शिकायत

मनीष सुराणा के खिलाफ पहले भी मामला दर्ज हो चुका है। रतलाम ग्रामीण तहसील के राजस्व निरीक्षक करमचंद डोडियार ने अवैध कॉलोनी निर्माण को लेकर स्टेशन रोड थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।