खेत के सेड़े की रंजिश में हत्या करने वाले 3 आरोपियों को आजीवन कारावास
⚫ रतलाम के चर्चित और सनसनीखेज मामले में सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव का महत्वपूर्ण निर्णय
⚫ फॉरेंसिक, डीएनए और कॉल रिकॉर्डिंग के पुख्ता सबूतों के आधार पर सुनाया फैसला
हरमुद्दा
रतलाम, 31 जुलाई। खेत की मेड़ (सेड़े) के मामूली विवाद को लेकर योजनाबद्ध तरीके से की गई हत्या के चर्चित मामले में न्यायालय ने एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाया है। सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव की अदालत ने वैज्ञानिक, फॉरेंसिक और परिस्थिति-जन्य साक्ष्यों को आधार मानते हुए तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
सजा पाने वाले आरोपी

⚫ विजयसिंह पिता चत्तरसिंह देवड़ा (उम्र 36 वर्ष), निवासी- ग्राम दिवेल

⚫ दीपक उर्फ दीपु पिता गिरधारी सोनेर (उम्र 38 वर्ष), निवासी- रेल नगर, रतलाम

⚫ जस्सु उर्फ जसवंत पिता सोहनसिंह सोलंकी (उम्र 40 वर्ष), निवासी- थावरिया बाजार (वर्तमान पता: नाहरपुरा, रतलाम)
क्या था पूरा मामला?
प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी कर रहे अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने हरमुद्दा को बताया कि घटना 9 नवंबर 2024 की है। सैलाना थाना क्षेत्र की धामनोद चौकी अंतर्गत ग्राम दिवेल में मृतक हिम्मतसिंह (48 वर्ष) अपने खेत पर रखवाली के लिए सोया हुआ था।
मृतक का शव पड़ा था खेत में

सुबह मृतक का भाई कमलसिंह जब खेत पर पहुंचा, तो हिम्मतसिंह का शव खाट के पास जमीन पर खून से लथपथ पड़ा मिला। उसके दोनों हाथ और बायां पैर टूटे हुए थे। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। चौकी प्रभारी आनंद बागवान ने मौके से खून से सना पत्थर, गोदड़ी, बीड़ी के अधजले टुकड़े और बियर की बोतल के कांच के टुकड़े जब्त किए थे।
तफ्तीश और डिजिटल सबूतों ने खोला राज
जांच के दौरान पुलिस को मृतक के चचेरे भाई विजयसिंह के मोबाइल में घटना से जुड़ी संदिग्ध कॉल रिकॉर्डिंग मिली। कड़ाई से पूछताछ करने पर विजयसिंह ने कबूला कि खेत के सेड़े (मेड़) की रंजिश के चलते उसने अपने दोस्तों दीपक और जसवंत के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। घटना के बाद आरोपी दीपक ने अदालत में आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल व लकड़ी जब्त की गई।
न्यायालय में ये वैज्ञानिक व फॉरेंसिक साक्ष्य बने फैसले का आधार
वॉइस मैच रिपोर्ट: आरोपी विजयसिंह और दीपक के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग और उनकी आवाज के नमूनों का मिलान भोपाल स्थित वॉइस लैब कराया गया, जो पूरी तरह मैच हुआ।
सीडीआर एवं डेटा एनालिसिस
कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और मोबाइल डेटा से साबित हुआ कि तीनों आरोपी वारदात के पहले और बाद में लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे।
डीएनए व ब्लड रिपोर्ट: मृतक के पास से मिली गोदड़ी और आरोपी दीपक से जब्त लकड़ी पर मृतक हिम्मतसिंह का ही ब्लड ग्रुप पाया गया।
सलाइवा (लार) मैच: घटनास्थल से मिले बीड़ी के अधजले टुकड़ों और बियर की बोतल पर पाई गई लार (Saliva) का फॉरेंसिक मिलान आरोपी जसवंत से हुआ।
मामले को रखा था सनसनी खेत में
रतलाम पुलिस अधीक्षक द्वारा इस मामले को 'चिह्नित एवं सनसनीखेज' श्रेणी में रखा गया था। न्यायालय ने सभी वैज्ञानिक सबूतों, गवाहों और दलीलों को ध्यान में रखते हुए तीनों आरोपियों को दोषी पाया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया। आरोपी गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में निरुद्ध हैं।
Hemant Bhatt