पिता की हत्या करने वाले कलयुगी बेटे को उम्रकैद
पिता की हत्या करने वाले कलयुगी बेटे को उम्रकैद
⚫ मोटरसाइकिल की चाबी के विवाद में फावड़े से किया था हमला
⚫ सत्र न्यायालय का बड़ा फैसला
⚫ मामला अप्रैल 2026 का
हरमुद्दा
गुना, 16 सितंबर। मोटरसाइकिल की चाबी और पेट्रोल के मामूली विवाद में अपने ही पिता की निर्मम हत्या करने वाले कलयुगी बेटे को गुना के सत्र न्यायाधीश अमिताभ मिश्र की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 2,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

आरोपी बेटा विकास
लोक अभियोजक अलंकार वशिष्ठ ने हरमुद्दा को बताया कि मामला गुना जिले के म्याना थाना क्षेत्र के ग्राम सगोरिया का है। अभियोजन के अनुसार, 24 अप्रैल को मृतक रमेश जाटव ने अपने बेटे विक्की उर्फ विकास से उमरी में एक शादी में जाने के लिए मोटरसाइकिल की चाबी मांगी थी। विकास ने पेट्रोल अपना होने की बात कहकर चाबी देने से मना कर दिया। जब पिता ने कहा कि "तू अपना पेट्रोल निकाल ले और चाबी दे दे", तो बहस बढ़ गई। गुस्से में आकर विकास घर के अंदर से गैंती (फावड़ा) ले आया और पिता के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल रमेश की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शी भाई मुकरा, फिर भी वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से साबित हुआ जुर्म

मृतक रमेश जाटव
मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब अदालत में सुनवाई के दौरान मृतक का दूसरा बेटा (जो घटना का चक्षुदर्शी साक्षी था) अपने पुलिस बयानों से मुकर गया। उसने घटनास्थल पर मौजूद होने से ही इनकार कर दिया। इसके बावजूद, लोक अभियोजक अलंकार वशिष्ठ द्वारा प्रस्तुत मजबूत कानूनी तर्कों, फोरेंसिक रिपोर्ट और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की अटूट कड़ियों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।
न्यायालय की सख्त टिप्पणी
सत्र न्यायाधीश अमिताभ मिश्र ने मामले की सुनवाई करते हुए माना कि अभियोजन पक्ष ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की सभी कड़ियों को 'संदेह से परे' साबित किया है। अदालत ने माना कि यह जघन्य अपराध केवल और केवल आरोपी विकास द्वारा ही किया गया है। अदालत ने आरोपी को किसी भी तरह की दया का हकदार न मानते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
Hemant Bhatt