फैसला : पत्नी के हत्यारे पति को आजीवन कारावास

फैसला : पत्नी के हत्यारे पति को आजीवन कारावास

पुत्र ने पिता के खिलाफ दी थी गवाही

⚫ मामला तीन वर्ष पुराना

हरमुद्दा
रतलाम 5 मई। 3 वर्ष पुराने हत्या के मामले में न्यायालय ने आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और ₹5000 का जुर्माना लगाया l अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत मृतिका के परिवार को प्रतिकर देने की भी अनुशंसा न्यायालय ने की है।

शासकीय अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी

अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी ने हरमुद्दा बताया कि घटना 7 मार्च 2023 की है। आरोपी मानसिंह पिता राजू निनामा आयु 32 वर्ष निवासी ग्राम पथवारी का रहने वाला है। घटना दिनांक को आरोपी  अपनी पत्नी व दो बच्चों के साथ घर पर था। आरोपी का पत्नी से आपसी विवाद हुआ और पत्थर से मारा जिससे उसकी मृत्यु हो गई। 

8 साल के बेटे ने देखा

घटना को मृतक के बड़े पुत्र जिसकी आयु 8 वर्ष ने देखा था। पुलिस थाना सरवन ने आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया था।

 पुत्र की गवाही बनी सजा का आधार 

न्यायालय में मृतिका के 8 वर्षीय पुत्र ने गवाही दी थी। उसने बताया था की घटना के दो दिन पूर्व उसके घर में कार्यक्रम था नोतरा खत्म होने के बाद सभी लोग उसके घर से चले गए थे। घटना के समय वह, उसका छोटा भाई,  माता-पिता घर पर थे। उसका भाई और  माता सो गई थी। उसके पिता आरोपी जाग रहा था। फिर पिता ने माता को सिर पर पत्थर मारा। उस समय वह जगा हुआ था। उसके बाद उसे नींद आ गई। उसके पिता वहां से भाग गए थे। सुबह उठकर देखा तो उसकी माता की मृत्यु हो चुकी थी। दादाजी को घटना की जानकारी दी थी। 

पत्थर पर था मानव रक्त

अभियोजन द्वारा न्यायालय में आठ गवाहों के कथन करवाए गए। जिस पत्थर से मृतिका को मारा था उसे पर रक्त पाया गया था। विचारण के बाद तृतीय जिला न्यायाधीश बरखा दिनकर ने आरोपी मानसिंह को धारा 302 भारतीय दंड संहिता के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई l शासन की ओर से सफल पैरवी अपर लोक अभियोजक एवं  शासकीय अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी ने की।

न्यायालय की अनुशंसा

मध्य प्रदेश अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना 2015 के अनुसार मृतका की संतान को यथोचित प्रतिकर प्रदान करने एवं बेहतर जीवन के लिए नियमानुसार प्रयास कर सकता है। इसके  लिए तृतीय जिला न्यायाधीश ने विधिक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रतलाम को प्रतिकर राशि प्रदान किए जाने की अनुशंसा की है।