पुलिस कार्य में बाधा पहुंचाने वाले आरोपी कार्तिक की अग्रिम जमानत निरस्त
⚫ आरोपी के हैं आपराधिक रिकॉर्ड
⚫ आधा दर्जन आरोपी हैं मारपीट करने वाले
⚫ भीड़ एकत्र होने की सूचना पर गया था चिता फोर्स
हरमुद्दा
रतलाम, 28 नवंबर। पुलिस कर्मचारियों के कार्य में बाधा पहुंचाने और मारपीट करने वाले वाले आरोपी की कार्तिक पाटीदार के द्वारा अग्रिम जमानत के लिए आवेदन अष्टम जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया के न्यायालय में प्रस्तुत किया था। आरोपी के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए एवं तथ्यों की परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए अभियुक्त को अग्रिम जमानत देने से इनकार जर दिया।

अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने हरमुद्दा को बताया गया कि थाना माणक चौक के आरक्षक अविनाश मिश्रा द्वारा यह रिपोर्ट लेख कराई थी कि 4 नवंबर 2025 को रात्रि में सर्किल भ्रमण के दौरान करमदी रोड पर अपराधिक तत्वों की भीड़ इकट्ठा होने की सूचना मिली।
बिना नंबर की काली गाड़ी के साथ थे सभी
इस पर चीता पार्टी 1 के प्रधान आरक्षक राजेश मईड़ा के साथ वह मौके पर गया था तो उसने देखा था कि वहां पर कान्हा जाट, कार्तिक पाटीदार, अजय जाट, मोहित राठौर, मोनिश तथा सुनील मचार बिना नंबर की काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी के साथ खड़े मिले।
तो कर दी आरक्षक के साथ मारपीट
उनसे सुनसान जगह में खड़े होने एवं भीड़ न करने के लिए कहने पर अजय जाट एवं कान्हा जाट द्वारा आरक्षक अविनाश के साथ धक्का मुक्की करने लगे। उसके सीने पर हाथ व मुक्कों से मारा जिससे उसके सीने पर अंदरूनी चोट लगी प्रधान आरक्षक राजेश मईडा बीच बचाव करने आए तो कान्हा जाट, अजय जाट और उसके साथी कार्तिक पाटीदार मोहित राठौर, मोनिश तथा सुनील मचार सभी ने गालियां देकर उनके साथ धक्का मुक्की करने लगे। कान्हा जाट द्वारा प्रधान आरक्षक राजेश मईडा की यूनिफॉर्म की कालर पड़कर खींचकर धक्का मुक्की करने लगे जिससे यूनिफॉर्म का बटन टूट गए।
शासकीय वाहन को भी पहुंचाई क्षति
आरोपियों द्वारा शासकीय मोटरसाइकिल पर भी लात मार कर उसकी दाहिनी तरफ के इंडिकेटर को तोड़ दिया गया। सभी आरोपियों ने फरियादी अविनाश मिश्रा तथा राजेश मईडा को शासकीय कार्य करने से रोका एवं बाधा उत्पन्न की।
किया प्रकरण दर्ज
आरक्षक अविनाश मिश्रा की रिपोर्ट पर थाना माणक चौक पर आरोपीगण के विरुद्ध अपराध क्रमांक 563 / 25 धारा 132, 121 (1) 296, 324 (4)3 ( 5) बी एन एस का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था।
आपराधिक रिकॉर्ड के चलते अग्रिम जमानत निरस्त
उपरोक्त प्रकरण में आरोपी कार्तिक पाटीदार के द्वारा अग्रिम जमानत के लिए आवेदन अष्टम जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया के न्यायालय में प्रस्तुत किया था। आरोपी के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए एवं तथ्यों की परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए अभियुक्त को अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए उसके जमानत आवेदन को निरस्त किया गया।
Hemant Bhatt