DRI की बड़ी कार्रवाई: हरिद्वार-बांद्रा एक्सप्रेस में नाइजीरियन महिला गिरफ्तार, एम्फेटामाईन ड्रग्स जब्त

DRI की बड़ी कार्रवाई: हरिद्वार-बांद्रा एक्सप्रेस में नाइजीरियन महिला गिरफ्तार, एम्फेटामाईन ड्रग्स जब्त

एसी कोच को बनाया तस्करी का नया जरिया

⚫ अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का हो सकता खुलासा

⚫ एम्फेटामाईन का चिकित्सीय उपयोग

हरमुद्दा
​इंदौर/रतलाम, 8 अगस्त। देशभर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इंदौर राजस्व बुद्धिमत्ता निदेशालय (DRI) की टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। DRI की इंदौर शाखा ने एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए हरिद्वार-बांद्रा एक्सप्रेस के A-1 (AC फर्स्ट क्लास) कोच से एक नाइजीरियन महिला को 2 किलोग्राम संदिग्ध सफेद मादक पदार्थ (ड्रग्स एम्फेटामाईन) के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

​ट्रैवल बैग के भूरे पाउच में छिपा रखी थी खेप

मिली जानकारी के अनुसार, DRI की टीम को ट्रेन में भारी मात्रा में मादक पदार्थ की तस्करी की सटीक जानकारी मिली थी। टीम ने ट्रेन के इंदौर/रतलाम संभाग के मार्ग में आते ही संदिग्ध कोच में दबिश दी। जब A-1 कोच में सवार नाइजीरियन महिला के सामान की तलाशी ली गई, तो उसके बैग के अंदर से एक भूरे रंग का पाउच बरामद हुआ। पाउच खोलने पर उसमें से सफेद रंग का नशीला पदार्थ निकला, जिसे जब्त कर सील कर दिया गया है।

शुद्धता पर निर्भर करता है मूल्य

ड्रग्स का अवैध अंतरराष्ट्रीय बाजार में मूल्य लगभग 2 करोड़ रुपए से 6.6 करोड़ रुपये प्रति किलोग्राम (लगभग $24,000 से $80,000 प्रति किलो या उससे अधिक) तक हो सकता है। भारत में कानून प्रवर्तन एजेंसियों (जैसे DRI) द्वारा पकड़ी गई खेप के आधार पर इसकी कीमत की विविधता क्षेत्र और शुद्धता पर निर्भर करती है।

​अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश करने में जुटी DRI

महिला को हिरासत में लेकर DRI की टीम गहन पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारी मुख्य रूप से दो प्रमुख बिंदुओं पर केंद्र बिंदु बनाकर पड़ताल कर रहे हैं।

⚫ ​सप्लाई सोर्स: महिला यह ड्रग्स की खेप कहां से और किस नेटवर्क के जरिए लेकर आ रही थी?

⚫ ​डिलीवरी पॉइंट: इस महेंगे मादक पदार्थ की सप्लाई किसे और किस शहर में दी जानी थी?

​एसी कोच को बनाया तस्करी का नया जरिया

आमतौर पर सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए तस्कर वीआईपी और प्रीमियम ट्रेनों के एसी कोच का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, DRI की इस सतर्कता ने तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से एक बड़े अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। लगातार हो रही इस तरह की कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि नशीले पदार्थों के काले कारोबार के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सख्त रुख अपनाए हुए हैं।

क्या करता है एम्फेटामाईन 

एमडी चिकित्सक से मिली जानकारी के अनुसार एम्फेटामाईन एक शक्तिशाली सेंट्रल नर्वस सिस्टम (CNS) उत्तेजक (stimulant) दवा है। यह मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र की गतिविधियों को तेज करती है, जिससे शरीर में ऊर्जा, सतर्कता और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ जाती है।

एम्फेटामाईन का चिकित्सीय उपयोग

​डॉक्टर की देखरेख और पर्चे पर इसका उपयोग मुख्य रूप से निम्नलिखित स्थितियों के इलाज के लिए किया जाता है। बच्चों और वयस्कों में एकाग्रता बढ़ाने और अति-सक्रियता को नियंत्रित करने के लिए होता है। नार्कोलेप्सी यह नींद से जुड़ा एक विकार है, जिसमें व्यक्ति को दिन के समय अत्यधिक नींद आती है। एम्फेटामाईन रोगी को जगाए रखने में मदद करता है।

​बिंग ईटिंग डिसऑर्डर

अत्यधिक खाने की बीमारी के इलाज में कुछ मामलों में इस्तेमाल होता है।

दुरुपयोग और अवैध उपयोग 

​चिकित्सीय उपयोग के अलावा, इसका व्यापक रूप से अवैध रूप से दुरुपयोग  किया जाता है। ​पार्टी या सिंथेटिक ड्रग्स: अवैध रूप से इसे 'स्पीड' (Speed) या अन्य नामों से बेचा जाता है। छात्र पढ़ाई के लिए रात भर जगने या एथलीट ऊर्जा बढ़ाने के लिए इसका गलत इस्तेमाल करते हैं।

​सेहत के लिए घातक

एम्फेटामाईन 'एनडीपीएस एक्ट' (NDPS Act) के तहत नियंत्रित पदार्थों की श्रेणी में आता है। बिना डॉक्टर के पर्चे के इसका सेवन, खरीद या बिक्री गैर-कानूनी है और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक हो सकती है।