सामाजिक सरोकार : नागर ब्राह्मण समाज के परिणय कुंभ में देश के विभिन्न राज्यों से उमड़ा उत्साह
⚫ 290 प्रत्याशियों ने मंच पर साझा किए सपने
⚫ सामाजिक एकता को मिली नई ऊर्जा
हरमुद्दा
रतलाम, 23 सितंबर। बदलते दौर में योग्य जीवनसाथी की तलाश और पारिवारिक सरोकारों को नए आयाम देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश नागर ब्राह्मण परिषद द्वारा आयोजित ‘अखिल भारतीय नागर ब्राह्मण युवक-युवती परिचय सम्मेलन 2026’ का आयोजन किया गया। परिणय कुंभ में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे 290 युवक-युवतियों और उनके परिजनों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

प्रज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए अतिथि
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान हाटकेश्वर महादेव के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। आयोजन में मध्यप्रदेश सहित उत्तरप्रदेश, बिहार, राजस्थान और गुजरात से आए परिवारों की मौजूदगी ने सम्मेलन को अखिल भारतीय स्वरूप प्रदान किया।

21 समूहों में विभाजित कर मंच से दिया गया परिचय
नागर ब्राह्मण परिषद के अध्यक्ष पं. जितेन्द्र नागर ने स्वागत भाषण में आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा, "प्रत्येक परिचय के पीछे केवल बायोडाटा नहीं, बल्कि एक व्यक्तित्व, एक परिवार, कुछ सपने और भविष्य की अनेक संभावनाएं छिपी होती हैं।" व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए कुल 21 परिचय समूह बनाए गए थे। प्रत्येक समूह में 11 युवक और 3 युवतियों की टीम शामिल की गई, जिन्होंने मंच पर आकर निर्भीक और स्पष्ट रूप से अपना परिचय दिया।
भावी रिश्तों की संभावना पर शुरू हुई चर्चा
सभागार में मौजूद अभिभावकों ने परिचय पुस्तिका (पत्रिका) से मिलान करते हुए भावी रिश्तों की संभावनाओं पर चर्चा शुरू की।
अतिथियों का सम्मान और सराहना
समारोह के दौरान उज्जैन के डॉ. अरुण व्यास एवं समाजसेवी महादेव प्रसाद सुखेड़ा ने सफल और व्यवस्थित आयोजन के लिए आयोजकों की सराहना की। परिषद द्वारा दूर-दराज से आए अतिथियों और समाजजनों को दुपट्टा एवं मोमेंटो भेंटकर सम्मानित किया गया।
यह थे मौजूद

कार्यक्रम में हाटकेश्वर न्यास अध्यक्ष संजय दवे, संदीप जोशी, निर्मल व्यास, बबलू, ओम त्रिवेदी, हेमंत भट्ट, धर्मेंद्र नागर, महेश रावल, नवनीत मेहता, दिलीप मेहता, सत्येंद्र मेहता, पवन दवे, रितेश मंडलोई, राकेश नागर, राजेंद्र रावल सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। संचालन विवेक नागर एवं श्वेता नागर ने किया। आभार संदीप जोशी ने माना।
मातृशक्ति का समर्पण और सामाजिक सरोकार
मातृशक्ति का योगदान सराहनीय है। ऐसे आयोजन केवल दो व्यक्तियों को नहीं जोड़ते, बल्कि दो परिवारों के बीच अपनापन और सामाजिक एकजुटता को मजबूत करते हैं। यही इन सम्मेलनों की वास्तविक सार्थकता है।
⚫ मीनाक्षी रावल, अध्यक्ष, मध्यप्रदेश नागर ब्राह्मण महिला परिषद
Hemant Bhatt