श्रावण मास में शिवभक्तों के लिए डाक विभाग की अनोखी पहल

श्रावण मास में शिवभक्तों के लिए डाक विभाग की अनोखी पहल

मंदिरों पर विशेष स्टॉल लगाकर उपलब्ध कराया जाएगा गंगोत्री का पवित्र 'गंगाजल'

⚫ सामाजिक और धार्मिक सरोकारों को भी पूरी आत्मीयता से निभाता डाक विभाग

सभी विभागीय डाकघरों में भी पर्याप्त उपलब्धता

हरमुद्दा
​रतलाम, 1 अगस्त। भारतीय डाक विभाग केवल पत्राचार और वित्तीय सेवाओं का माध्यम ही नहीं, बल्कि सामाजिक और धार्मिक सरोकारों को भी पूरी आत्मीयता से निभाता रहा है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए पवित्र श्रावण मास में शिवभक्तों एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रतलाम डाक संभाग ने एक अनूठी और कल्याणकारी पहल शुरू की है।


श्रावण मास के दौरान रतलाम संभाग के प्रमुख शिव मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर विशेष स्टॉल लगाकर श्रद्धालुओं को गंगोत्री से लाया गया शुद्ध एवं पवित्र गंगाजल उपलब्ध कराया जाएगा।

​प्रमुख शिव मंदिरों पर लगेंगे विशेष स्टॉल

​अधीक्षक डाकघर राजेश कुमावत ने बताया कि डाक विभाग द्वारा वर्षभर आमजन को गंगोत्री का पवित्र गंगाजल उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन श्रावण मास और महाशिवरात्रि के दौरान इसकी मांग कई गुना बढ़ जाती है। श्रद्धालुओं की इसी अपार आस्था और सुविधा को ध्यान में रखते हुए रतलाम डाक संभाग द्वारा प्रत्येक श्रावण सोमवार को संभाग के सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक शिव मंदिरों में विशेष काउंटर लगाए जा रहे हैं।

​इन प्रमुख मंदिरों में उपलब्ध होगा गंगाजल

⚫ ​वीरूपाक्ष महादेव मंदिर (बिलपांक)

⚫ ​केदारेश्वर महादेव मंदिर (सैलाना)

⚫ ​अनादिकल्पेश्वर महादेव मंदिर (आलोट)

⚫ ​काशी विश्वनाथ महादेव मंदिर (रतलाम)

अन्य ​प्रमुख धार्मिक स्थल सभी विभागीय डाकघरों में भी पर्याप्त उपलब्धता

​अधीक्षक डाकघर ने बताया कि मंदिरों पर लगने वाले विशेष स्टॉलों के अतिरिक्त रतलाम डाक संभाग के अंतर्गत आने वाले रतलाम, जावरा, झाबुआ, अलीराजपुर एवं पेटलावद क्षेत्र के सभी विभागीय डाकघरों के काउंटरों पर भी गंगोत्री का पवित्र गंगाजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहेगा।

सामाजिक दायित्व की सुंदर मिसाल

​डाक विभाग की इस जन-उपयोगी पहल से शिवभक्तों को अपने क्षेत्र के नजदीकी डाकघर या मंदिर परिसर में ही बिना किसी भाग-दौड़ के पूर्ण शुद्धता और पवित्रता के साथ गंगाजल सहजता से मिल सकेगा। डाक विभाग का यह कदम धार्मिक आस्था के प्रति उनके सामाजिक दायित्व की एक सुंदर मिसाल है।