जनसुनवाई : सीएम ने कलेक्टर एसपी की वीसी बुलाई, कलेक्टर, सीईओ एडीएम, एसडीएम नहीं आई, आमजन को मिली रुसवाई
⚫ मजबूरी में डिप्टी कलेक्टरों को देकर गए आवेदन
⚫ कई लोग बिना दिए ही निकल गए
⚫ भले ही फिर चक्कर लगे आवेदन तो कलेक्टर मेडम को ही देंगे
हरमुद्दा
रतलाम, 11 नवंबर। मंगलवार को जनसुनवाई में समस्या लेकर आने वाले 12:30 बजे तक इंतजार करते रहे मगर कलेक्टर सीईओ एडीएम एसडीएम नहीं आए। इस कारण समस्या लेकर आने वाले मायूस होकर लौट गए कई ना चाहते हुए भी डिप्टी कलेक्टर को समस्या का आवेदन देकर चले गए।
यह तो सर्वविदित है कि प्रदेश में मंगलवार को 11 से 1 बजे तक जनसुनवाई का आयोजन होता है। इसमें आमजन अपनी समस्या कलेक्टर को बताते और संबंधित विभाग उसका निराकरण करता है। मगर मंगलवार को रतलाम में ऐसा नहीं हो पाया। कलेक्ट्रेट में 11 बजे के पहले से ही जिले भर के लोग समस्याओं के आवेदन लेकर आए थे, ताकि कलेक्टर को अपनी समस्या बताकर समाधान करवा सके। मगर ऐसा नहीं हो सका।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कलेक्टर एसपी से की वीसी

मुख्यमंत्री वीसी से जानकारी लेते हुए
वजह यह थी कि दिल्ली विस्फोट को दृष्टिगत रखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय के सिचुएशन रूम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा संबंधी की पड़ताल करने के लिए जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षक से वर्चुअली जानकारी ली। सावधानी एवं सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए।
चौकसी बढ़ाने के लिए निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सभी सार्वजनिक स्थलों, भीड़ भरे इलाकों, धार्मिक स्थलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर चौकसी बढ़ाई जाए। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष सावधानी बरती जाए। साथ ही यह ध्यान भी रखा जाए कि आमजन और सामान्य जीवन प्रभावित न हो।
सभागार भरा हुआ था 12 बजकर 20 मिनट पर भी खचाखच

डिप्टी कलेक्टर को आवेदन देते हुए
घड़ी में 12:20 हो चुके थे। जनसुनवाई का सभाकर समस्या लेकर आए लोगों से खचाखच भरा हुआ था। कुर्सी पर जगह तक नहीं थी लोग खड़े हुए थे। उन्हें लग रहा था कि कलेक्टर मैडम आएंगे मगर कोई नहीं आया। बार-बार कहने के बाद 72 लोग डिप्टी कलेक्टर राधा महंत और संजय शर्मा को आवेदन देकर गए। मगर उनके चेहरे पर भी सुकून नहीं था।
भले ही फिर चक्कर लगे आवेदन तो कलेक्टर मेडम को ही देंगे
कई लोग बिना दिए ही चले गए। ऐसे लोगों का कहना था कि इनको देने से क्या फायदा? कई बार इन्हें समस्या के आवेदन दे चुके हैं मगर समाधान अब तक नहीं हुआ। इसलिए कलेक्टर मैडम को ही आवेदन देंगे। भले ही अगला चक्कर फिर से लगे। वजह साफ है कि कलेक्टर मैडम और सीईओ मेडम समस्याओं को ध्यान से न केवल सुनती है बल्कि समाधान के लिए आश्वस्त भी करती है।
Hemant Bhatt