स्वरार्पण में रागों, भजनों और अभंगों से सजी शास्त्रीय संगीत की शाम

स्वरार्पण में रागों, भजनों और अभंगों से सजी शास्त्रीय संगीत की शाम

कलाकार अक्षद पंडित ने की राग हंसध्वनि से गायन की शुरुआत

भक्ति लोखंडे ने कथक शैली में दी गणेश वंदना की नृत्य प्रस्तुति

नाटक से हुआ समापन

हरमुद्दा
रतलाम, 23 सितंबर। महाराष्ट्र समाज द्वारा आयोजित 97वें सार्वजनिक श्री गणेशोत्सव के अंतर्गत स्टेशन रोड स्थित समाज भवन में गत रात्रि ‘स्वरार्पण’ शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम का आयोजन हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ श्री गणेशजी की आरती से हुआ। इसके बाद उज्जैन की भक्ति लोखंडे ने कथक शैली में गणेश वंदना की नृत्य प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकार अक्षद पंडित ने राग हंसध्वनि से गायन की शुरुआत की। उन्होंने ताल रूपक में निबद्ध ख्याल ‘तेरा भाग जागा’ तथा त्रिताल में तराना प्रस्तुत किया। इसके बाद राग पूरिया कल्याण में गणेश वंदना ‘प्रथमेश्वर तू गणेश, गणनायक तू गणेश’ और राग खमाज में शंकरजी का भजन ‘डिमिक डिमिक डमरू बाजे’ प्रस्तुत किया। देवी आराधना में ‘जय-जय जग जननी देवी’ भजन ने वातावरण भक्तिमय कर दिया।

फरमाइश पर सुनाया कन्नड़ भजन भी

अक्षद पंडित ने संत नामदेव का अभंग ‘नामदेव कीर्तन करी, प्रेम भरे नाचे पांडुरंग’, नाटक ‘कट्यार काळजात घुसली’ का नाट्यगीत ‘घेई छंद मकरंद’ तथा विभिन्न रागों पर आधारित छह अभंगों की मैडली प्रस्तुत की। श्रोताओं की फरमाइश पर कन्नड़ भजन ‘सौभाग्यदा लक्ष्मी बारम्मा’ भी सुनाया। इसके बाद कृष्ण भजन ‘सावरे आई जैयो’, विट्ठल अभंग ‘पांडुरंग श्रीरंग’ तथा राग चारुकेशी पर आधारित ‘नाम जपन क्यों छोड़ दिया’ की प्रस्तुति हुई। राग अहीर भैरव पर आधारित ‘गुरुकृपा अंजन पायो मेरे भाई’ भजन से श्रीराम जयराम का कीर्तन हुआ। 

नाटक से हुआ समापन

कार्यक्रम का समापन नाटक ‘ययाति आणि देवयानी’ के नाट्यगीत ‘सर्वात्मका सर्वेश्वरा’ की प्रस्तुति से हुआ। शास्त्रीय संगीत की विविध प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने तालियों से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

इन्होंने दी संगत

कार्यक्रम में रुचि चौहान, पीयूष नेने एवं अंकुर शौचे ने गायन में संगत की। तबले पर तल्लीन त्रिवेदी, हारमोनियम पर रोहित परिहार तथा पखावज पर प्रखर विजयवर्गीय ने संगत दी।

कलाकारों का किया स्वागत

कलाकारों का स्वागत दीपेश वाफगांवकर, शुभम मंदसौरकर, निखिलेश करंदीकर, राजेश गडकरी, सविता पांढारकर एवं सुरभि भोरकर ने किया। इस अवसर पर समिति सचिव वैशाली बोरगांवकर, कोषाध्यक्ष संजीव भोरकर, स्नेहा पंडित सहित समाजजन उपस्थित रहे। संचालन सीमा देव एवं नेहा कुलकर्णी ने किया। आभार सार्वजनिक श्री गणेशोत्सव समिति अध्यक्ष नरेन्द्र पांढारकर ने माना।