फैसला : पत्नी से अवैध संबंध की जानकारी होने पर प्रेमी वालचंद्र की हत्या, आरोपी पति राजेश मईड़ा को आजीवन कारावास
⚫ मामला नवंबर 2021 का
⚫ दो सह अभियुक्त हुए बरी
हरमुद्दा
रतलाम, 17 जून। पत्नी से अवैध संबंध की जानकारी होने पर मृतक वालचंद्र की हत्या के प्रकरण में अष्टम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया ने आरोपी पति राजेश मईड़ा को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में दो सह अभियुक्त को प्रकरण में बरी किया गया।

अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने हरमुद्दा को बताया कि 29 नवंबर 2021 को सूचनाकर्ता प्रकाश द्वारा पुलिस को यह सूचना दी थी कि खेड़ीकला रोड खाखरे का माल धोलावाड़ डेम के ऊपर ग्राम उमर में एक व्यक्ति पाइप लाइन के पास रोड किनारे मृत हालत में पड़ा है और उसके ऊपर हीरो कंपनी की मोटर सायकल mp 43 dy 7067 पड़ी है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक का शव का मुँह शरीर का आधा भाग अनाज भरने वाली प्लास्टिक की थैली में भरा हुआ था। शव का निरीक्षण करने पर पाया था कि मृतक के गले को किसी धड़ाधड़ हथियार के काटा गया था। मृतक की आयु लगभग 25-26 वर्ष थी तथा उसके बनाए पंजे और गुप्तांग पर चोटें थी। मृतक की हत्या किसी अन्य स्थान पर करके लाश छुपाने के लिए मौके पर फेंका गया था।

विवेचना में आरोपी ने बताया कारण
पुलिस द्वारा शव का पोस्टमार्टम करवाया गया और थाना रावटी 302,201 IPC का प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
विवेचना के दौरान 01 दिसंबर 2021 को आरोपी राजेश पिता बेहरिंग को गिरफ्तार किया गया। उसने बताया की उसकी पत्नी का मृतक बालचंद् से प्रेम प्रसंग था। मृतक बालचंद आरोपी राजेश की पत्नी से मिलने भूरीघाटी आया था जिन्हे आरोपी ने खेत में मिलते हुए देख लिया था। आरोपी की पत्नी वहाँ से भाग गई, तब राजेश ने दराते से गला काटकर बालचंद की हत्या कर दी थी। आरोपी राजेश ने शव को बोरी में भरकर आरोपी विकास की मदद से धोलावाड़ जंगल उमर में रोड किनारे मृतक को मोटरसाइकल सहित फेक दी थी। उसके बाद आरोपी मुकेश, राजेश और विकास को अपनी मोटर सायकल से ले गया था। पुलिस ने आरोपी राकेश से घटना में प्रयुक्त हथियार और खून से सने कपड़े जब्त किए गए। जब्त शुदा हथियार और कपड़ों का डीएनए परीक्षण करवाया गया था। अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

जांच और तर्क प्रस्तुत किया न्यायालय में
प्रकरण का विचारण अष्टम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया के न्यायालय में किया गया। अभियोजन द्वारा अपने साक्ष्यों के साक्ष्य, वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट तथा अपने तर्क न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।
साक्ष्य और तर्कों के आधार पर सुनाई सजा

विचारण के दौरान अभियोजन द्वारा प्रस्तुत मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों तथा विवेचना में संकलित साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त अभियुक्त राजेश पिता बेहरिंग मईड़ा, उम्र 27 वर्ष, निवासी ग्राम डोडियार, थाना मानगढ़, जिला रतलाम को हत्या का दोषी पाते हुए धारा 302 भा.दं.सं. के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं ₹5,000/- अर्थदण्ड से दण्डित किया।
सह अभियुक्त हुए बरी
सह-अभियुक्त विकास मईड़ा एवं मुकेश मईड़ा के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध न होने के कारण उन्हें संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया गया।
Hemant Bhatt