उपलब्धि सरोकार : वैदिक शोध में चमका रतलाम युवा नाम, डॉ. वेणु हरिवंश शर्मा को उदयपुर में मिला 'महर्षि गौरव सम्मान' और Ph.D. की उपाधि
⚫ वैदिक ज्योतिष एवं अनुसंधान के क्षेत्र में डॉ. वेणु हरिवंश शर्मा की उल्लेखनीय उपलब्धि
⚫ उदयपुर में ‘महर्षि गौरव सम्मान’ एवं ‘अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस’ से अलंकृत
हरमुद्दा
उदयपुर/रतलाम, 28 सितंबर। आधुनिकता के इस दौर में जहां युवा पीढ़ी का रुझान पश्चिमी संस्कृति और तकनीकी क्षेत्रों की ओर तेजी से बढ़ रहा है, वहीं रतलाम की डॉ. वेणु पिता हरिवंश शर्मा ने भारतीय ज्ञान-परंपरा और ज्योतिषीय अनुसंधान में अपनी विशिष्ट पहचान बनाकर यह साबित कर दिया है कि हमारी सनातन विद्या आज भी प्रासंगिक और अद्वितीय है। उदयपुर में आयोजित गरिमामय वैदिक शोध एवं दीक्षांत समारोह में डॉ. वेणु शर्मा को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘महर्षि गौरव सम्मान’, ‘Award of Excellence - Vedic Research Ceremony’ तथा Doctorate of Philosophy in Vedic Study (Ph.D.) की उपाधि से अलंकृत किया गया।

उदयपुर स्थित 'श्री महर्षि कॉलेज ऑफ वैदिक एस्ट्रोलॉजी' द्वारा आयोजित इस समारोह में डॉ. शर्मा के शोधपरक दृष्टिकोण और अकादमिक प्रयासों की सराहना की गई। इसके अलावा, IAMA Open University, Florida (USA) द्वारा आयोजित अकादमिक कार्यक्रम में सहभागिता के लिए उन्हें ‘Certificate of Inaugural Participation’ भी प्रदान किया गया।
ज्योतिष के प्रति युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत

आज के समय में जब ज्योतिष और वैदिक ज्ञान को लेकर कई तरह की भ्रांतियां देखने को मिलती हैं, तब डॉ. वेणु शर्मा जैसे शिक्षित युवा का वैज्ञानिक और अध्ययनशील दृष्टिकोण से इस क्षेत्र में उतरना एक अत्यंत सकारात्मक बदलाव का संकेत है। उनकी यह उपलब्धि यह दर्शाती है कि यदि युवा पीढ़ी तर्क, शोध और निष्ठा के साथ भारतीय विद्याओं को अपनाए, तो इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा दिलाई जा सकती है।
सफलता का श्रेय गुरु-परंपरा और पारिवारिक संस्कारों को
अपनी इस उपलब्धि पर आभार व्यक्त करते हुए डॉ. वेणु शर्मा ने इसका पूरा श्रेय अपनी गुरु-परंपरा और पारिवारिक संस्कारों को दिया। उन्होंने विशेष रूप से अपने परदादा रतलाम के राज ज्योतिषाचार्य स्व. पंडित विनायक लाल जी शर्मा, दादा व गुरु राज ज्योतिषाचार्य श्री गोपाल चंद्र शर्मा और पिता श्री हरिवंश शर्मा के मार्गदर्शन और संबल को अपनी प्रेरणाशक्ति बताया। उन्होंने अपने पिता हरिवंश शर्मा के सतत मार्गदर्शन, प्रोत्साहन एवं संबल के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त की। साथ ही समस्त परिवारजनों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि इस यात्रा में प्राप्त प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष सहयोग, स्नेह, प्रेरणा और आशीर्वाद उनके लिए सदैव अमूल्य रहेंगे।।
डॉ. शर्मा ने कहा, "ज्ञान की यात्रा कभी अकेले पूर्ण नहीं होती। यह सम्मान केवल एक उपाधि नहीं, बल्कि उस समृद्ध गुरु-परंपरा और पारिवारिक विरासत के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है जिसने मुझे हमेशा सही दिशा दिखाई।"
ज्योतिष के संरक्षण एवं संवर्धन में मिल का पत्थर साबित होगी यह उपलब्धि
कार्यक्रम में मौजूद सहकर्मियों, श्री त्रिवेदी मेवाड़ा ब्राह्मण समाज के गणमान्य नागरिकों और शुभचिंतकों ने डॉ. शर्मा को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि उनकी यह ज्ञान-साधना आगामी समय में भारतीय ज्ञान-परंपरा और वैदिक ज्योतिष के संरक्षण एवं संवर्धन में मील का पत्थर साबित होगी। डॉ. वेणु हरिवंश शर्मा की यह उपलब्धि भारतीय ज्ञान-परंपरा की उस चिरंतन भावना को अभिव्यक्त करती है, जिसमें ज्ञान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि गुरुजनों के संस्कारों, पूर्वजों की विरासत और परिवार के निःस्वार्थ सहयोग से प्राप्त एक अमूल्य उत्तरदायित्व माना जाता है।
Hemant Bhatt