मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रतलाम पहुंचकर एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप की माताजी के निधन पर दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रतलाम पहुंचकर एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप की माताजी के निधन पर दी श्रद्धांजलि

⚫ ​स्वर्गीय श्रीमती तेजकुंवरबाई के जीवन संघर्ष और संस्कारों का स्मरण किया मुख्यमंत्री ने

⚫ परिजनों से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया

हरमुद्दा
​रतलाम, 13 अक्टूबर। मध्यप्रदेश शासन के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री चेतन्य काश्यप की माताजी, धर्मपरायण एवं समाजसेवी स्वर्गीय श्रीमती तेजकुंवरबाई काश्यप के निधन पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रतलाम पहुंचे। मुख्यमंत्री ने विसाजी मेंशन, स्टेशन रोड स्थित निवास पर पहुंचकर दिवंगत आत्मा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।


​स्वर्गीय श्रीमती तेजकुंवरबाई के जीवन संघर्ष और संस्कारों का स्मरण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए स्वर्गीय श्रीमती तेजकुंवरबाई काश्यप के प्रेरणादायी जीवन का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि उन्हें भी माताजी का स्नेह सदैव प्राप्त हुआ। एक छोटे से स्थान कुक्षी से अपनी जीवन यात्रा शुरू करने वाली श्रीमती काश्यप ने पति के निधन के उपरांत अकेले ही अपनी छोटी संतानों का पालन-पोषण किया और उन्हें उच्च संस्कार प्रदान किए। उन्होंने दूरदृष्टि का परिचय देते हुए अपने पुत्रों को कार्यभार सौंपा और परिवार को एक सुदृढ़ आधार दिया।
​मुख्यमंत्री ने कहा कि संतान ही अमरता की निशानी होती है, और स्वर्गीय तेजकुंवरबाई ने अपने जीवनकाल में ही उत्तराधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपकर उनकी कार्ययात्रा को आगे बढ़ते हुए देखा। उन्होंने उल्लेख किया कि आज 'चेतन्य काश्यप फाउंडेशन' जरूरतमंद परिवारों के पुनर्वास, स्वावलंबन और संस्कार निर्माण के कार्यों में जिस प्रकार सक्रिय भूमिका निभा रहा है, वह माताजी के उन्हीं महान संस्कारों का परिणाम है।

शोकसभा में गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति

इस दु:खद अवसर पर अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने भी सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन प्रदीप उपाध्याय ने किया।

यह थे मौजूद

इस दौरान परिवार के सदस्यों में सिद्धार्थ काश्यप, श्रवण काश्यप, सारांश काश्यप, श्रीमती भावना शैलेन्द्र मानावत के साथ-साथ आरडीए (RDA) अध्यक्ष मनोहर पोरवाल सहित विभिन्न राजनीतिक, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारियों में कमिश्नर आशीष सिंह, एडीजी राकेश गुप्ता, कलेक्टर अजय कटेसरया, डीआईजी निमिष अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार एवं अन्य जिलाधिकारी भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
​मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिजनों से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया और ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहने का संबल प्रदान करें।