कलेक्टर का बड़ा फैसला: अब कलेक्टर कोर्ट में होगी नियमित सुनवाई

पक्षकारों को अब सुनवाई का समुचित अवसर मिलेगा और बेवजह की देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा। जिला प्रशासन का यह कदम जिले में त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी न्याय व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में एक बड़ी राहत माना जा रहा है।

कलेक्टर का बड़ा फैसला: अब कलेक्टर कोर्ट में होगी नियमित सुनवाई

वर्षों से लटके मामलों का होगा त्वरित निराकरण

हरमुद्दा
​रतलाम, 10 अगस्त। कलेक्ट्रेट न्यायालय में पेंडिंग केसों के बोझ को कम करने और आम जनता को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब कलेक्टर कोर्ट का संचालन नियमित रूप से किया जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर ने न्यायालय के रीडर और संबंधित कर्मचारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि दर्ज सभी प्रकरणों की नियमित पेशी तय कर नियत तिथियों पर सुनवाई सुनिश्चित की जाए।


​इस व्यवस्था से वर्षों से लंबित मामलों का तेजी से निराकरण होगा और पक्षकारों को कलेक्ट्रेट के बार-बार चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी।



​पुराने प्रकरणों को प्राथमिकता

 न्यायालय के रीडर को सभी लंबित मामलों की अद्यतन (अपडेटेड) सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। वर्षों से लंबित पुराने प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर कॉज लिस्ट में शामिल किया जाएगा।

अनावश्यक तारीखों (स्थगन) पर रोक

कलेक्टर ने साफ किया है कि मामलों में बिना वजह तारीख बढ़ाने या अनावश्यक स्थगन देने की प्रथा पर रोक लगाई जाएगी। हर पेशी पर प्रभावी कार्रवाई होगी ताकि आम जनता का समय और पैसा दोनों बचे।

इन मामलों की होगी त्वरित सुनवाई

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी की न्यायालयीन अधिकारिता में आने वाले राजस्व, खनिज संबंधी विवाद, फौजदारी, प्रतिबंधात्मक कार्यवाही और विभिन्न अधिनियमों के तहत दर्ज मामलों का व्यवस्थित सूचीकरण कर सुनवाई की जाएगी।

समय पर रिकॉर्ड और समंस तामीली

अधीनस्थ कार्यालयों व निचली अदालतों से रिकॉर्ड समय पर मंगवाने और पक्षकारों को नोटिस/समंस की समय पर तामीली सुनिश्चित करने की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

​जनता को मिलेगा सीधा लाभ

कलेक्टर कोर्ट की कार्यवाही नियमित और सुव्यवस्थित होने से राजस्व व खनिज मामलों के निपटारे में तेजी आएगी। पक्षकारों को अब सुनवाई का समुचित अवसर मिलेगा और बेवजह की देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा। जिला प्रशासन का यह कदम जिले में त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी न्याय व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में एक बड़ी राहत माना जा रहा है।