श्रद्धांजलि : पत्रकारिता के पुरोधा शरद जोशी पंचतत्व में विलीन

श्रद्धांजलि : पत्रकारिता के पुरोधा शरद जोशी पंचतत्व में विलीन

अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

⚫ नम आंखों से समाज के हर वर्ग ने दी श्रद्धांजलि

हरमुद्दा
​रतलाम, 10 अगस्त। रतलाम में पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ और वरिष्ठ पत्रकार शरद जोशी की पार्थिव देह सोमवार को त्रिवेणी मुक्तिधाम में पंचतत्व में विलीन हो गई। उनके निवास स्थान पैलेस रोड से निकली अंतिम यात्रा में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग, पत्रकार, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में शुभचिंतक शामिल हुए। मुक्तिधाम पर उनके ज्येष्ठ पुत्र अभिजीत जोशी ने मुखाग्नि दी। उनके देवलोकगमन से रतलाम के संपूर्ण पत्रकारिता जगत और सामाजिक क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।

50 दशकों से अधिक का निष्पक्ष व निर्भीक पत्रकारिता सफर

पांच दशकों (50 से अधिक वर्षों) तक सक्रिय पत्रकारिता में रहे शरद जोशी ने हमेशा निष्पक्ष, निर्भीक और जनसरोकारों से जुड़ी खबरों को प्राथमिकता दी। वे घटनाओं को केवल समाचार के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के लिए जाने जाते थे। अपनी सादगी, सहज-सरल व्यक्तित्व और सिद्धांतों पर अडिग रहने की शैली के कारण उन्होंने समाज में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई थी।

त्रिवेणी मुक्तिधाम पर शोक सभा: गणमान्य जनों ने दी भावभीनी विदाई

अंतिम संस्कार के पश्चात त्रिवेणी मुक्तिधाम में शोक सभा आयोजित की गई, जिसका संचालन वरिष्ठ अभिभाषक सुनील पारीख ने किया। शोक सभा में उपस्थित वक्ताओं ने स्व. जोशी के पत्रकारिता एवं सामाजिक योगदान को याद करते हुए उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया।

इन्होंने व्यक्त किए अपने विचार

औदीच्य ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष आचार्य जी, रतलाम प्रेस क्लब अध्यक्ष मुकेशपुरी गोस्वामी, आरएसएस की ओर से डॉ. रत्नदीप निगम, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, जावरा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडे, दैनिक स्वदेश के संपादक शक्ति सिंह परमार, रतलाम विकास प्राधिकरण अध्यक्ष मनोहर पोरवाल, पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी की ओर से विकास कोठारी, जावरा पत्रकार संघ के सुजान कोचट्टा और जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से महेंद्र कटारिया सहित अन्य गणमान्य जनों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
​शोक संदेश का वाचन: मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष शलभ भदौरिया का शोक संदेश संभागीय अध्यक्ष राजेश जैन द्वारा पढ़ा गया।

​पत्रकारिता जगत और शहर के वरिष्ठजन रहे मौजूद

​अंतिम यात्रा और शोक सभा में वरिष्ठ पत्रकार ऋषि कुमार शर्मा, रमेश टांक, गोविंद उपाध्याय, भेरूलाल टांक, तुषार कोठारी, नरेंद्र जोशी, प्रियेश कोठारी, सौरभ कोठारी, दिनेश दवे, सुजीत उपाध्याय, सुधीर जैन, नीरज शुक्ला, आरिफ कुरैशी, राजेश मूणत, यश शर्मा, संजय कोठारी, जितेंद्र सोलंकी, हेमंत भट्ट, दुर्गेश पंवार, रवि सिसोदिया, देवेंद्र लिंबोदिया, देवकीनंदन पंचोली, एस.एस. सोलंकी, चंद्रशेखर सोलंकी, स्वदेश शर्मा, तौफ़ीक़ पठान, के.के. शर्मा, राजू केलवा, निलेश बाफना, प्रदीप नागोरा, सिकंदर पटेल, विपिन त्रिवेदी सहित जावरा से जगदीश राठौर, विजय राठौर, राजकुमार पीपाड़ा, पारस छाजेड़ एवं सैलाना से मनोज भंडारी, महेश सोलंकी सहित जिलेभर के सैकड़ों पत्रकार और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।