शिक्षा सरोकार : राॅयल महाविद्यालय में चालू सत्र में एम.फार्मा व बी.एससी. नर्सिंग पाठ्यक्रम होगा प्रारम्भ
⚫ राॅयल गुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के चैयरमैन प्रमोद गुगलिया ने पत्रकार वार्ता में बताया
⚫ रतलाम जिले में पहली बार एम.फार्मा पाठ्यक्रम का होगा अध्यापन
हरमुद्दा
रतलाम, 3 अक्टूबर। राॅयल गुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स में चालू सत्र 2025-26 से फार्मेसी महाविद्यालय में एम.फार्मा पाठ्यक्रम प्रारम्भ किया जा रहा है, जिसके संचालन के लिए फार्मेसी काउंसिल ऑफ इण्डिया, नई दिल्ली से अनुमति प्राप्त हो चुकी है। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल से सम्बद्धता भी प्रदान की जा चुकी है।

यह जानकारी पत्रकार वार्ता में राॅयल गुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स रतलाम के चेयरमेन प्रमोद गुगालिया ने दी। श्री गुगालिया ने बताया कि रतलाम जिले में राॅयल महाविद्यालय पहला व एकमात्र महाविद्यालय है, जिसमें अब एम.फार्मा का पाठ्यक्रम प्रारम्भ किया जा रहा है। इसी सत्र् 2025-26 से ही उनके नर्सिंग महाविद्यालय में चार वर्षीय बी.एससी. नर्सिंग पाठ्यक्रम प्रारम्भ किया जा रहा है, जिसके संचालन के लिए म.प्र. नर्सेस रजिस्ट्रेशन कौंसिल द्वारा नर्सिंग महाविद्यालय को अनुमति प्राप्त हो गई है।
65 बीघा क्षेत्रफल में 29 वर्षों से सेवा
श्री गुगालिया ने बताया कि, 65 बीघा क्षेत्रफल में पिछले 29 वर्षों से उनकी संस्था के अंतर्गत संचालित् महाविद्यालयों में अब इस सत्र् से 16 पाठ्यक्रमों का संचालन किया जाएगा, जिसमें एम.फार्मा, बी.फार्मा, डी.फार्मा, एम.बी.ए., बी.बी.ए., बी.सी.ए., बी.एड., डी.एड., बी.एससी.- बायोटेक, बी.एससी. -माइक्रोबायोलाॅजी, बी.एससी. -कम्प्यूटर साईंस, बी.काम. -कम्प्यूटर एप्लीकेशन, बी.काम. -प्लेन, बी.एससी. नर्सिंग, जी.एन.एम. व एन.टी.टी. आदि प्रमुख है, और वर्तमान में इन पाठ्यक्रमों मे लगभग 2500 विद्यार्थीगण अध्ययनरत है।
शहर के विद्यार्थियों के लिए सदैव तत्पर

डायरेक्टर डॉक्टर अफजल जानकारी देते हुए
पत्रकार वार्ता में डायरेक्टर डाॅ. उबेद अफज़ल ने बताया कि, विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए रतलाम से बाहर के शहरों में पलायन को रोकने के लिए संस्था हमेशा प्रयासरत् रही है। संस्था के अंतर्गत संचालित फार्मेसी महाविद्यालय में बी.फार्मा पाठ्यक्रम का विगत् 15 वर्षो से अध्यापन करवाया जा रहा है, लेकिन एम.फार्मा पाठ्यक्रम का अध्यापन सम्पूर्ण रतलाम जिले में नहीं होने से, बी.फार्मा की डिग्री लेने के बाद, विद्यार्थियों को एम.फार्मा के अध्यापन के लिए इन्दौर, कोटा, भोपाल, बड़ोदा आदि शहरों में जाना पड़ता था, लेकिन राॅयल महाविद्यालय में इसी शैक्षणिक सत्र् से एम.फार्मा पाठ्यक्रम प्रारम्भ होने से, उन्हें एम.फार्मा पाठ्यक्रम के लिए रतलाम से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
विनियामक समिति से करवाया फीस का निर्धारण
डाॅ. अफज़ल ने यह भी बताया कि, संस्था द्वारा एम.फार्मा पाठ्यक्रम के अध्ययन की फीस का निर्धारण भी प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति (फीस रेग्युलेटरी बाडी) से करवा लिया गया है।
यह थे मौजूद

पत्रकार वार्ता में चेयरमेन श्री गुगालिया, डाॅ. अफज़ल के साथ फार्मेसी संकाय के प्राचार्य डाॅ. मनीष सोनी, प्रबंधन संकाय के प्राचार्य डाॅ. प्रवीण मंत्री, शिक्षा संकाय की प्राचार्या डाॅ. आर.के. अरोरा, वाणिज्य संकाय के प्राचार्य डाॅ. अमित शर्मा, नर्सिंग संकाय के प्राचार्य श्री जगदीश डुके, प्रशासक प्रफुल्ल उपाध्याय, लाईफ साईंस के विभागाध्यक्ष प्रो. कपिल केरोल एवं कम्प्यूटर साईंस की विभागाध्यक्ष प्रो. दीपिका कुमावत भी उपस्थित रहे। यह थे मौजूद
Hemant Bhatt