धर्म संस्कृति : राजस्थान के कमोल में हुई शीतल की भागवती दीक्षा, बनी महासती आगमप्रज्ञा
⚫ रतलाम संघ के दर्जनों श्रद्धालुओं ने किए पूज्य मुनिराज के दर्शन
हरमुद्दा
रतलाम, 23 फरवरी। राजस्थान के कमोल में परम पूज्य प्रवर्तक विजय मुनि जी, उपाध्यक्ष गौतम मुनि जी म.सा. प्रथम, उपप्रवर्तिनी शांता कंवर म सा एवं दक्षिण चंद्रिका डॉ. संयमलता म.सा. के पावन सान्निध्य में दीक्षा हुई।

श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ एवं नवयुवक मंडल रतलाम के तत्वावधान में दर्जन सदस्यों ने राजस्थान के कमोल में हुए ऐतिहासिक भागवती दीक्षा समारोह में भाग लिया। पूज्य मुनिराज के दर्शन का लाभ लिया।
'जैन दिवाकर जी अमर रहें' और 'दीक्षार्थी अमर रहें' के जयकारों गुंजा

दोपहर 12:15 बजे शुरू हुए इस दिव्य समारोह में जैसे ही दीक्षा का पवित्र क्षण आया, सम्पूर्ण पांडाल 'जैन दिवाकर जी अमर रहें' और 'दीक्षार्थी अमर रहें' के जयकारों गुंजा एवं जैसे ही मुमुक्षु बहन शीतल के संयमि जीवन मे पूज्य महासती आगमप्रज्ञा म सा के नाम की घोषणा हुईं तो पूरा पांडाल मंगल ध्वनियों से गुंज उठा। उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर इस आध्यात्मिक क्षण के साक्षी बनने का परम सौभाग्य प्राप्त किया।
रतलाम से यह थे मौजूद

कार्यक्रम में रतलाम से गए श्रद्धालुओं में संघ संरक्षक महेंद्र बोथरा, सुरेश कटारिया, संघ अध्यक्ष अजय खिमेसरा, महामंत्री विनोद कटारिया, कोषाध्यक्ष अमृत कटारिया, उपाध्यक्ष विनोद बाफना सहित नवयुवक मंडल के महामंत्री विरेन्द्र कटारिया, कोषाध्यक्ष अरिहंत बोराणा, सौरभ बोथरा, यश पूँगलिया, अजय पितलियाँ, दिनेश पटवा एवं बड़ी संख्या में श्रावक, श्राविकाएँ उपस्थित थीं।
Hemant Bhatt