खेल सरोकार : रतलाम में प्रतिभा का महाकुंभ, पसीने से निखरा भविष्य

खेल सरोकार : रतलाम में प्रतिभा का महाकुंभ, पसीने से निखरा भविष्य

⚫ अब 'हैदराबाद' फतेह करने की तैयारी

⚫ ​निरंतर अभ्यास ही सफलता का एकमात्र मार्ग : पुरोहित

हरमुद्दा
​रतलाम, 28 सितंबर। शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय के क्रीड़ा परिसर में जब रतलाम जिला एथलेटिक्स एसोसिएशन की वार्षिक प्रतियोगिता का बिगुल बजा, तो मैदान केवल खेल की स्पर्धाओं का गवाह नहीं बना, बल्कि यह नए सपनों, जुनून और रतलाम की उभरती खेल प्रतिभाओं का जीवंत मंच बन गया।


​आलोट समेत जिले के कोने-कोने से आए 14 और 16 वर्ष से कम उम्र के बालकों व बालिकाओं ने जब ट्रैक और फील्ड पर अपना दमखम दिखाया, तो यह साफ हो गया कि मालवा की इस माटी में खेल संस्कृति की जड़ें बेहद गहरी हैं। इस आयोजन का सबसे बड़ा हासिल यह है कि यहाँ से चयनित 13 होनहार खिलाड़ी 14 से 16 नवंबर तक हैदराबाद में आयोजित होने वाली 'राष्ट्रीय इंटर डिस्ट्रिक्ट एथलेटिक्स प्रतियोगिता' में जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।

निरंतर अभ्यास ही सफलता का एकमात्र मार्ग

​प्रतियोगिता का उद्घाटन और संवाद केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह युवा एथलीटों के लिए एक दिशा-निर्देश साबित हुआ। एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश पुरोहित ने खिलाड़ियों को जीवन और खेल का मूलमंत्र देते हुए स्पष्ट कहा, "निरंतर अभ्यास ही सफलता की सीढ़ी तक पहुँचता है। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।" उनका यह संदेश आज के डिजिटल दौर में शॉर्टकट तलाशने वाली पीढ़ी के लिए बेहद प्रासंगिक है।

खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला

कार्यक्रम में क्रीड़ा भारती के जिलाध्यक्ष एवं एसोसिएशन के चेयरमैन डॉ. गोपाल मजावदिया बतौर विशेष अतिथि मौजूद रहे, जिन्होंने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। सचिव अमानत खान और कोच निर्मला भटेवरा की देखरेख में जंप, रनिंग और थ्रोज़ के कड़े मुकाबले आयोजित किए गए, जिसमें निष्पक्षता और सटीकता बनाए रखने के लिए नितेश राठौर, फहीम खान, मदन रायकवार, इकरार खान, प्रकाश बरफे, शाहिद खान, शिखा माली, वीरेंद्र प्रताप सिंह राठौर और भारत सिंह सोनगरा जैसे तकनीकी निर्णायकों ने अहम भूमिका निभाई।

मैदान से निकला 'सुपर-13': प्रतियोगिता के प्रमुख परिणाम

मैदान पर चले शह-मात और टाइमिंग के खेल में रतलाम के युवाओं ने अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से सब का दिल जीत लिया।

16 वर्ष बालिका वर्ग (ट्रैक एवं फील्ड)

​⚫ लंबी कूद: दिव्यांशी शर्मा (प्रथम), आराध्या (द्वितीय), रोशनी सेठी (तृतीय)

⚫ 60 मीटर दौड़: प्रियांशी सोनी (प्रथम), आराध्या जाट (द्वितीय), अंशिता पाटीदार (तृतीय)

⚫ 600 मीटर दौड़: अंशिता पाटीदार (प्रथम), अनुषी नागौरी (द्वितीय), प्रियांशी (तृतीय)

⚫ भाला फेंक (जैवलिन): टेनी शेट्टी (प्रथम), अंशु चौहान (द्वितीय), दिव्यानी (तृतीय)

⚫ गोला फेंक (शॉटपुट): मानसी वर्मा (प्रथम), अंशु चौहान (द्वितीय), दिव्यानी (तृतीय)

16 वर्ष बालक वर्ग

⚫ 60 मीटर दौड़: दक्ष पाठक (प्रथम), भावेश दुबे (द्वितीय), शिवम सिंह (तृतीय)

⚫ 600 मीटर दौड़: सुभाष निनामा (प्रथम), रोहन भगोरा (द्वितीय), भावेश दवे (तृतीय)

⚫ लंबी कूद: आराध्य डांगी (प्रथम), नईम (द्वितीय), माधव पाटीदार (तृतीय)

⚫ भाला फेंक: नईम मगजी (प्रथम), अबरार खान (द्वितीय), अभिषेक (तृतीय)

⚫ गोला फेंक: फैजान पटेल (प्रथम), नईम अगजी (द्वितीय), रेहान (तृतीय)

​14 वर्ष बालिका वर्ग

⚫ 60 मीटर दौड़: चहेती बडिया (प्रथम), भव्या नागर (द्वितीय), पाखी सतवानिया (तृतीय)

⚫ 600 मीटर दौड़: पायल यादव (प्रथम), लक्ष्मी (द्वितीय), पाखी सतवनिया (तृतीय)

⚫ ​लंबी कूद: भव्या नागर (प्रथम), रश्मि जाट (द्वितीय), प्रभावी मालपानी (तृतीय)

⚫ शॉटपुट बैक थ्रो: पायल यादव (प्रथम), प्रियांशी (द्वितीय), भावना नागर (तृतीय)


​14 वर्ष बालक वर्ग

⚫ 60 मीटर दौड़: अंकुश चौधरी (प्रथम), शावेज खान (द्वितीय), दिव्यांश (तृतीय)

⚫ ​600 मीटर दौड़: अथर्व सिंह (प्रथम), कुलदीप धाकड़ (द्वितीय), गौरव टांक (तृतीय)

⚫ लंबी कूद: आगमन पांडे (प्रथम), सिबतैन हैदर (द्वितीय), दिव्यांश (तृतीय)

⚫ शॉटपुट बैक थ्रो: आगमन पांडे (प्रथम), सिबतैन हैदर (द्वितीय), शावेज खान (तृतीय)

खेल सरोकार: प्रतिभाओं को तराशने की चुनौती और उम्मीद
​जिला स्तर की यह एथलेटिक्स प्रतियोगिता एक सुखद तस्वीर पेश करती है, लेकिन इसके साथ ही कुछ बुनियादी सवाल और खेल सरोकार भी सामने आते हैं।

तहसील स्तर पर सुविधाओं का विस्तार

आलोट जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से आकर बच्चों का अव्वल आना यह दर्शाता है कि गांवों और कस्बों में प्रतिभा की कमी नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि ऐसी जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं के साथ-साथ तहसील स्तर पर भी आधुनिक ट्रैक और उपकरण उपलब्ध कराए जाएँ।

राष्ट्रीय मंच के लिए विशेष शिविर

हैदराबाद में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता से पहले चयनित खिलाड़ियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण (एडवांस्ड कोचिंग) शिविर का आयोजन किया जाना चाहिए, ताकि वे राष्ट्रीय स्तर की तकनीकी बारीकियों और दबाव से सामंजस्य बिठा सकें।

संसाधन और प्रायोजन (Sponsorship): जमीनी स्तर के इन एथलीटों को बेहतर डाइट, स्पोर्ट्स किट और प्रोफेशनल शूज जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए प्रशासनिक और सामाजिक सहयोग की निरंतर आवश्यकता है।

देश के लिए भी लाते रहेंगे पदक

रतलाम की यह बाल-युवा ब्रिगेड अब हैदराबाद के नेशनल ट्रैक पर दौड़ने को तैयार है। अगर इन खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन, पोषण और ढांचागत समर्थन मिलता रहा, तो आने वाले समय में ये नाम केवल रतलाम या मध्य प्रदेश के अखबारों तक सीमित नहीं रहेंगे—वे देश के लिए पदक लाते दिखेंगे।