फैसला : जमीन विवाद में की थी भाई की हत्या, तीन को आजीवन कारावास
⚫ मामला मई 2025 का
⚫ अर्थ दंड से भी किया दंडित
हरमुद्दा
रतलाम, 8 मार्च। माता के नाम की भूमि के बटवारे को लेकर चल रहे विवाद में सगे भाई, भतीजे व चचेरे भाई ने 9 माह पहले भाई रामचंद्र की हत्या की थी। सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश रतलाम राजेश नामदेव की न्यायालय ने अभियुक्तगण राजू पिता गोबा गरवाल, (24), तेलिया पिता दुलजी गरवाल, (49), गोबा पिता पूना गरवाल, (52), सभी निवासी-ग्राम उमर बट्टा को आजीवन कारावास व 15 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया।

प्रकरण में पैरवीकर्ता अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने हरमुद्दा को बताया कि 21 मई 2025 की रात्रि को फरियादी रामचन्द्र गरवाल एवं उसकी पत्नी ऐता बाई घर के बाहर सो रहे थे। लगभग रात्रि 11:30 बजे अभियुक्तगण गोबा उसका लड़का राजू और तेलिया पुरानी रंजिश को लेकर रामचंद्र के घर लट्ठ लेकर आए। लाठियों से रामचंद्र के साथ जान से मारने की नीयत से मारपीट करने लगे।
छोटा भाई और जमाई के आने पर भाग गए तीनों
मारपीट से रामचन्द्र के सिर में, दोनों हाथों पर और पीठ पर चोट व रामचन्द्र की पत्नी ऐता बाई को सिर में, पीठ पर, गर्दन पर चोट आई। रामचंद की चिल्लाचोंट की आवाज सुनकर उसका छोटा भाई पेमा और उसका जमाई राजेश वहा आ गए तो तीनो अभियुक्तगण मारपीट कर वहा से भाग गए। उसके बाद रामचन्द्र व ऐता बाई को इलाज के लिए रावटी अस्पताल ले गए, रावटी से उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रतलाम रेफर कर दिया गया।
उपचार के दौरान हो गई मौत
प्रधान आरक्षक आतिश धानक ने रामचंद्र की रिपोर्ट लिखी और उसका वीडियो भी मोबाइल से बनाया। मेडिकल कालेज रतलाम में इलाज के दौरान रामचन्द्र की मृत्यु हो गई।
न्यायालय में पेश किया अभियोग पत्र
रावटी थाने पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद तीनो अभियुक्तगण को थाना प्रभारी दीपक मंडलोई द्वारा गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ कर घटना में प्रयुक्त लाठियां व उनके खून लगे हुए कपड़े जब्त कर जांच उपरांत आवश्यक अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
सजा के आधार
⚫ रिपोर्ट लिखाते समय मृतक रामचंद्र ने जो घटना बताई थी उसके वीडियो को न्यायालय ने रामचंद्र का मृत्युकालीन कथन माना।
⚫ मृतक रामचंद्र के शरीर पर डॉक्टर ने पीएम के समय 16 चोटे पाई।
⚫ अभियुक्तगणों से जप्त लाठियों, कपड़े व मृतक रामचंद्र के कपड़ों में FSL जांच में समान DNA प्राप्त हुआ।
⚫ पीएमकर्ता डॉक्टर प्रदीप मिश्रा ने अभियुक्तगणों से जप्त लाठियों के समान हथियार से ही मृतक रामचंद्र की चोटे आने का अभिमत दिया।
सनसनीखेज था प्रकरण
तीनो अभियुक्तगण गिरफ्तारी 24 मई 2025 से ही जेल में है। पुलिस अधीक्षक द्वारा इस प्रकरण को चिह्नित व सनसनीखेज घोषित किया गया था। न्यायालय में अभियोजन की ओर से 11 गवाह, 68 दस्तावेज व 33 आर्टिकल प्रस्तुत किए गए। न्यायालय को प्रकरण प्राप्त होते ही 06 माह में निर्णय पारित किया।
Hemant Bhatt