फैसला : महिला की हत्या कर शव फोरलेन के नीचे फेंकने के आरोपी को आजीवन कारावास

फैसला : महिला की हत्या कर शव फोरलेन के नीचे फेंकने के आरोपी को आजीवन कारावास

सनसनी हत्याकांड में हुई सजा

⚫ मामला करीब 5 वर्ष पुराना

⚫ 658 कार्य दिवस, 371 सत्र प्रकरण का निराकरण,18 आरोपियों को आजीवन कारावास

हरमुद्दा
रतलाम 20 अप्रैल। 5 वर्ष पूर्व महिला की हत्या कर शव को बिलपाक के समीप फोरलेन के नीचे फेंकने के आरोपी को न्यायालय ने आजीवन कारावास एवं ₹6000 की अर्थ दंड से दंडित किया। मामले में अभियोजन द्वारा 20 गवाहों के कथन एवं 77 दस्तावेज प्रस्तुत किए थे।

अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी

अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी ने हरमुद्दा को बताया कि घटना 18 जून 2021 की रात्रि की है। आरोपी सुरेश पिता बंसीलाल जाटव उम्र 47 वर्ष निवासी बड़ी मोहल्ला राव इंदौर अपने वाहन आयशर ट्रक से सामान लेकर इंदौर से रतलाम के लिए निकला था। आरोपी ने अपने साथ श्रमिक कॉलोनी शमशान घाट के पास राऊ  निवासी पीड़िता को भी ट्रक में बिठाया था। पीड़िता के साथ आरोपी ने दुष्कर्म भी किया था। उसके बाद उसकी हत्या कर दी थी। आरोपी इंदौर से रतलाम के बिलपाक टोल नाके को पार किया था एवं वापस इंदौर की तरफ जाकर प्रकाश नगर पुलिया के नीचे अंधेरे में महिला के शव को फेंक दिया था l सुबह गांव के लोगों ने बिलपाक पुलिस थाने पर सूचना दी थी l इसके बाद पुलिस  मर्ग  कायम कर जांच की। टोल नाके के सीसीटीवी फुटेज में आरोपी एवं महिला दिखाई दिए थे। आरोपी को गिरफ्तार न्यायालय में अभियोग पत्र धारा 201,  302 , 376  भारतीय दंड संहिता का प्रस्तुत किया था।

सीडीआर एवं सीसीटीवी फुटेज बने आधार

महिला के अज्ञात होने के कारण पुलिस ने आसपास के थाना क्षेत्र को सूचना दी थी  l चोकला एवं चिकलिया टोल नाके के फुटेज भी प्राप्त किए गए थे l आरोपी के मोबाइल की सीडीआर से महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त की गई। अज्ञात महिला  के मिलने का स्थान तथा आरोपी की गाड़ी खराब होने के स्थान की सीसीडीआर लोकेशन से महिला का आरोपी के साथ होना तथा मृतका के  शव मिलने के स्थान पर आरोपी की उपस्थिति होना प्रमाणित माना गया था।

दूसरे दिन सामान देने गया था

आरोपी सुरेश के कब्जे में महिला थी जिसे वह ठिकाने नहीं लग पाया था। बाद में शव को ठिकाने लगाकर दूसरे दिन रतलाम में सामान देने गया था।

सुनाई सजा

संपूर्ण विवेचना के बाद  न्यायालय तृतीय सत्र न्यायाधीश रतलाम ने आरोपी को धारा 302 , 201 भादवि का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई तथा धारा 376 भादवि के आप से दोष मुक्त किया। शासन की ओर से सफल पैरवी अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी द्वारा की गई।

658 कार्य दिवस, 371 सत्र प्रकरण का निराकरण,18 आरोपियों को आजीवन कारावास 

अपरलोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी ने चर्चा में बताया कि नियुक्ति मार्च 2023 में हुई थी। तब से लेकर 31 मार्च 2026 तक कुल 658 न्यायालय कार्य दिवस में 2366 गवाह  के कथन अंकित करवाए हैं। 371 सत्र  प्रकरण निराकत करवाए गए हैंl जिसमें 18 आरोपियों को आजीवन कारावास तथा 52 आरोपियों को 10 - 10 वर्ष तक की सजा करवाई गई है।

श्री त्रिपाठी द्वारा 4 से 4:30 घंटे प्रतिदिन न्यायालय में कार्य किया गया है।। उल्लेखनीय की शासकीय अधिवक्ताओं को उनके द्वारा न्यायालय में की जा रही पैरवी की जानकारी प्रतिमाह  प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को दी  जाना आवश्यक है।