सेहत सरोकार : “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” के तहत योग शिविर
⚫ वरिष्ठ योग शिक्षक अशोक शर्मा ने दिया प्रशिक्षण
⚫ पतंजलि योगपीठ के बैनर तले हुआ दीनदयाल नगर वार्ड-20 में तीन दिवसीय शिविर
हरमुद्दा
रतलाम, 16 जून। नगर निगम रतलाम एवं पतंजलि योगपीठ के संयुक्त तत्वावधान में “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” थीम पर 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय योग शिविर का आयोजन विश्वकर्मा उद्यान (विश्वकर्म पार्क), दीनदयाल नगर, वार्ड क्रमांक 20 में किया गया।

इस शिविर में पतंजलि योगपीठ के वरिष्ठ योग शिक्षक अशोक शर्मा ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में योग के विभिन्न आयामों का गहन प्रशिक्षण दिया। प्रतिदिन प्रातः 5:30 से 7:30 बजे तक उन्होंने सूर्य प्राणायाम, योगासन, ध्यान तथा माल्यार्पण सहित विविध योग क्रियाओं का विधिवत् निर्देशन किया।
शिविर का शुभारंभ पार्षद संगीता सोनी एवं पार्षद प्रतिनिधि कृष्णा सोनी के नेतृत्व में हुआ।

योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, अपितु एक आध्यात्मिक साधना
पार्षद श्रीमती सोनी ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, अपितु एक आध्यात्मिक साधना है। योग के नियमित अभ्यास से शरीर को स्वस्थ बनाने के साथ-साथ ककमन को शांत किया जा सकता है तथा अनेक विषम रोगों एवं विकारों से मुक्ति पाई जा सकती है। उन्होंने कहा, “योग मनुष्य को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्तर पर संतुलित बनाता है। दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की दिशा में योग सर्वोत्तम मार्ग है।”
योग के प्रति जागरूकता बढ़ी
पार्षद प्रतिनिधि श्री सोनी ने सभी सहभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योग शिविर के माध्यम से दीनदयाल नगर के निवासियों में योग के प्रति जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने सभी को स्वस्थ रहने, नियमित योगाभ्यास करने तथा दीर्घायु प्राप्त करने की शुभकामनाएं दीं।
आध्यात्मिक उन्नति की ओर बढ़ने का लिया संकल्प

योग शिविर में राधेश्याम बोदलिया, रामनरेश श्रीवास, शांतिलाल शर्मा, प्रहलाद सोलंकी, आजाद नागौरिया, प्रमोद बिंदल, जयेश सोनी, जया सोनी, सरोज शर्मा, संगीता कावडे, अनीता गुर्जर, यामिनी सोनी, हिमानी सोनी, सलोनी यादव, नेहा कुमावत, अनुराधा पंड्या सहित दीनदयाल नगर के अनेक गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी सहभागियों ने योग के माध्यम से न केवल अपने शरीर को नीरोग एवं ऊर्जावान बनाया, बल्कि आंतरिक शांति एवं आध्यात्मिक उन्नति की ओर भी अग्रसर होने का संकल्प लिया।
भविष्य में भी ऐसे शिविर नियमित रूप से हो आयोजित
आयोजकों ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज के हर वर्ग तक योग की प्राचीन भारतीय विद्या एवं उसकी आध्यात्मिक शक्ति पहुंच सके।
Hemant Bhatt