मुद्दे की बात : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के ठीक पहले ईरान में 175 बच्चियों की हत्या
यह भी कितनी बड़ी विडम्बना है कि विश्व में एक तरफ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मना रहा, उसके चंद दिनों पहले मार्च माह में ही ईरान के मीनाब शहर में अमेरिका और इजराइल के मिसाइल अटेक में करीब 175 स्कूली बच्चियां मारी गई। इनकी उम्र 7-12 साल थी।
⚫ इतिहास के पन्नों का काला दिन
⚫ नरेंद्र गौड़
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हर साल 8 मार्च को महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों का जश्न मनाने के साथ-साथ लैंगिक समानता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना, उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाना और भेदभाव को समाप्त करना है।

इसे मनाये जाने की शुरूआत 20वीं सदी के प्रारंभ में कामकाजी महिलाओं के आंदोलन के रूप में हुई। 1917 में रूस की महिलाओं ने ’रोटी और शांति’ की मांग को लेकर हड़ताल की थी, जो बाद में 8 मार्च को एक आधिकारिक दिन के रूप में स्थापित हुई। इसका उद्देश्य महिलाओं के लिए समानता, शिक्षा, बेहतर काम की स्थिति और मतदान के अधिकार के लिए संघर्ष करना था। यह दिन महिलाओं की सराहना करने और समाज को यह संदेश देने के लिए है कि समानता अभी भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जहां उन्हें समान अधिकार, सम्मान और अवसर मिलने चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र ने 1975 में अंतरराष्ट्रीयI महिला दिवस को आधिकारिक रूप से मान्यता दी और इसे 8 मार्च को मनाने की घोषणा की। इस दिन विशेष आयोजनों के माध्यम से महिलाओं के योगदान को सराहा जाता है और उन्हें सशक्त बनाने पर जोर दिया जाता है। इंटरनेशनल वूमेंस डे 2026 मनाने का उद्देश्य सिर्फ जश्न मनाना नहीं, बल्कि समाज में लैंगिक समानता के प्रति जागरूकता लाना है।
उस समय यूरोप और उत्तरी अमेरिका में कामकाजी महिलाओं ने 8 मार्च, 1917 को, रूस के पेट्रोग्राड में महिलाओं ने चार दिनों तक हड़ताल की और अंततः मतदान का अधिकार जीत लिया यह एक महत्वपूर्ण क्षण था।. इस आंदोलन में दस लाख से अधिक महिलाओं सहित अन्य लोगों ने रैलियों और सभाओं में भाग लिया। 1917 में रूस की महिलाओं ने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान “रोटी और शांति” की माँग करते हुए हड़ताल की।
लेकिन यह भी कितनी बड़ी विडम्बना है कि विश्व में एक तरफ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मना रहा, उसके चंद दिनों पहले मार्च माह में ही ईरान के मीनाब शहर में अमेरिका और इजराइल के मिसाइल अटेक में करीब 175 स्कूली बच्चियां मारी गई। इनकी उम्र 7-12 साल थी। इस युध्द में सैंकड़ों महिलाएं बेवा हुई हैं। इस तरह इस बार का महिला दिवस एक प्रकार से महिलाओं के लिए करूण गाथा के रूप में याद किया जाएगा।
Hemant Bhatt