रक्षाबंधन 2026: भद्रा का साया नहीं, 28 अगस्त को पूरे दिन बांध सकेंगे रक्षा सूत्र
⚫ राहुकाल का रखें ध्यान
⚫ घेवर फीणी की दुकानों पर बिक्री जोर-जोर से शुरू
हरमुद्दा
रतलाम, 14 अगस्त। सावन पूर्णिमा के अवसर पर मनाया जाने वाला भाई-बहन का पवित्र त्योहार रक्षाबंधन इस वर्ष 28 अगस्त 2026 को पूरे देश में अपार उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। इस बार बहनों के लिए राहत की खबर यह है कि पर्व वाले दिन भद्रा का कोई बंधन नहीं रहेगा, जिससे बहनें बिना किसी संशय के अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांध सकेंगी।

ज्योतिषाचार्य पंडित शैलेंद्र दुर्गाशंकर ओझा
ज्योतिषाचार्य पंडित शैलेंद्र दुर्गाशंकर ओझा ने हरमुद्दा से चर्चा में बताया कि उदया तिथि के मान से सावन पूर्णिमा 28 अगस्त को मनाई जाएगी। भद्रा का काल 27 अगस्त की सुबह 9:09 बजे शुरू होकर उसी रात 9:25 बजे समाप्त होगा। इस प्रकार 28 अगस्त को सूर्योदय के समय भद्रा का प्रभाव पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भद्रा रहित काल में राखी बांधना भाई की दीर्घायु और समृद्धि के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

राहुकाल का रखें विशेष ध्यान
भद्रा मुक्त दिन होने के बावजूद शास्त्रानुसार राहुकाल के दौरान कोई भी शुभ कार्य वर्जित माना जाता है। इसलिए 28 अगस्त को राखी बांधते समय समय का विशेष ध्यान रखें।
⚫ भद्रा का समय: 27 अगस्त (रात 9:25 बजे समाप्त)
⚫ राखी बांधने का सर्वोत्तम समय: 28 अगस्त, सुबह सूर्योदय के बाद से पूरे दिन (राहुकाल को छोड़कर)
वर्जित समय (राहुकाल)
⚫ 28 अगस्त, सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक
त्योहार का धार्मिक महत्व व बाजार में रौनक
भद्रा का साया न होने के कारण इस बार पूजा-पाठ और अनुष्ठानों के लिए पूरा दिन शुभ रहेगा। पंडित ओझा का कहना है कि पूर्णिमा तिथि में उदया काल से लेकर संध्या तक बहनें रोली, अक्षत, और दीपक से थाली सजाकर भाइयों का तिलक कर सकती हैं। इस खबर से लोगों में विशेष उत्साह है और बाजारों में भी राखियों तथा मिठाइयों की खरीदारी के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। रतलाम के बाजारों में घेवर फीणी की दुकानों पर बिक्री जोर-जोर से शुरू हो गई है।
Hemant Bhatt