उज्जैन संभाग में सड़क हादसों पर लगेगी लगाम
⚫ संभागायुक्त ने दिए ब्लैक स्पॉट्स पर कड़े इंतजाम
⚫ सीपीआर ट्रेनिंग के निर्देश
हरमुद्दा
उज्जैन, 6 अक्टूबर। उज्जैन संभाग में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और आपातकालीन स्थिति में घायलों की जान बचाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। प्रशासनिक संकुल भवन के द्वितीय तल स्थित कलेक्टर सभागृह में संभागायुक्त आशीष सिंह की अध्यक्षता में संभागीय सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।
बैठक में एडीजी राकेश गुप्ता, डीआईजी नवनीत भसीन सहित संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, आरटीओ और नगर निगम आयुक्त मौजूद रहे। सड़क हादसों में कमी लाने और तत्काल राहत पहुंचाने के लिए संभागायुक्त एवं एडीजी द्वारा अधिकारियों को कई कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए।
⚫ ढाबा कर्मचारियों को मिलेगी CPR और फर्स्ट एड की ट्रेनिंग
संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि संभाग में चिन्हित सभी ब्लैक स्पॉट्स के पास मौजूद हाईवे किनारे के ढाबों और रेस्टोरेंटों पर निकटतम अस्पताल, एंबुलेंस और पुलिस थानों के नंबर की सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए।
ढाबों और रेस्टोरेंट के कर्मचारियों को दुर्घटनाग्रस्तों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आपात स्थिति से निपटने के लिए डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा कर्मचारियों को सीपीआर (CPR) का विशेष प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा।
जलभराव वाले रपटों की जगह बनेंगे बड़े पुल
धार्मिक व सामाजिक स्थलों के पास बनी ऐसी रपटें, जहां बारिश में पानी भरने से (नलखेड़ा जैसी) दुर्घटनाओं की आशंका रहती है, वहां सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर बड़े पुल (ब्रिज) बनाने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
अवैधानिक कट पॉइंट होंगे बंद, लापरवाह इंजीनियर्स पर होगी कार्रवाई
राष्ट्रीय राजमार्गों (NHAI) और MPRDC की सड़कों पर बने अवैधानिक कट पॉइंट्स को तुरंत बंद किया जाएगा।
यदि ढाबों या पेट्रोल पंपों के सामने नियम विरुद्ध कट पाए गए, तो संबंधित विभागीय इंजीनियर के खिलाफ सीधे कार्रवाई की जाएगी।
वैध कट पॉइंट्स पर प्रॉपर साइनेज, स्पीड ब्रेकर या रंबल स्ट्रिप अनिवार्य रूप से लगाई जाएगी।
ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा पर एडीजी के निर्देश
बैठक में एडीजी राकेश गुप्ता ने यातायात सुधार और दुर्घटना नियंत्रण के लिए निम्नलिखित निर्देश दिए:
सब्जी मंडियों से बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार लाया जाए और सड़कों पर घूमने वाले गौवंश को गौशालाओं में भिजवाया जाए।
हेलमेट व सीट बेल्ट चेकिंग: टोल नाकों के पास सीट बेल्ट और दोपहिया चालकों के लिए हेलमेट की सघन चेकिंग की जाए, लेकिन चेकिंग के दौरान सामान्य ट्रैफिक बाधित न हो।
आपसी समन्वय: NHAI, MPRDC और पुलिस विभाग आपस में समन्वय बनाते हुए अपने-अपने फोर्स व एंबुलेंस के संपर्क नंबर साझा करें।
संभाग के विभिन्न जिलों की स्थिति व उठाए गए कदम
⚫ उज्जैन : पार्किंग क्षमता कम होना, बेगम बाग से महाकाल मार्ग पर टैक्सियों का कब्जा। वर्तमान 2 हजार वाहन पार्किंग क्षमता को बढ़ाने और प्राइवेट टैक्सियों के लिए अलग पार्किंग स्थल बनाने की जरूरत।
⚫ देवास : 12 ब्लैक स्पॉट चिन्हित। ओवर-स्पीडिंग रोकने के लिए नियमानुसार रंबल स्ट्रिप और स्पीड ब्रेकर निर्माण की आवश्यकता।
⚫ रतलाम : ढाबों के बाहर खड़े रहने वाले ट्रकों से दुर्घटना का खतरा। 280 वाहनों की चेकिंग कर 43 के चालान काटे गए। हाईवे किनारे बने ढाबों पर एनएचएआई और एमपीआरडीसी को नियम पालन कराने के निर्देश।
⚫ शाजापुर : 08 पंचायतों में 'मिशन जीवन रक्षक' लागू।त्वरित आपात रिस्पॉन्स पर ध्यान केंद्रित, नेशनल हाईवे टीम के साथ बेहतर समन्वय।
⚫ आगर मालवा : 6 ब्लैक स्पॉट चिन्हित। सुरक्षा मापदंडों के पालन पर जोर।
⚫ मंदसौर व नीमच : 'मिशन जीवन रक्षक' के तहत कार्रवाई । निजी वाहनों के हादसों में मृत व्यक्तियों के लंबित मुआवजा प्रकरणों के शीघ्र निपटारे की मांग।
Hemant Bhatt