साहित्य सरोकार

साहित्य रचना : वो क्या है?

साहित्य रचना : वो क्या है?

बस डूबती ही जा रही है लता उसमें, वो झील है, समंदर है, दरिया है, क्या है?

साहित्य रचना : हर चट्टान पे वक्त लिखा है, संघर्षों की सूक्त बनें

साहित्य रचना : हर चट्टान पे वक्त लिखा है, संघर्षों की सूक्त...

मानव! तू क्यों भूल गया है, मौन भी करता है संवाद  धूप, हिम, तूफ़ान से लड़कर, पर्वत...

साहित्य रचना : हर चट्टान पे वक्त लिखा है, संघर्षों की सूक्त...

मानव! तू क्यों भूल गया है, मौन भी करता है संवाद  धूप, हिम, तूफ़ान से लड़कर, पर्वत...

साहित्य रचना : शरद का चांद रजत किरणों से धरती का अभिषेक कर रहा 

साहित्य रचना : शरद का चांद रजत किरणों से धरती का अभिषेक...

शरद पूर्णिमा का चांद साक्षी बन कर रहा चरण वंदन उतर गया  इसलिए धरती के आंगन  यमुना...