उपलब्धि सरोकार : पिता बेकरी में काम करते रहे, बेटी ने डॉक्टर बनने का सपना किया साकार
दोबारा नीट परीक्षा की तैयारी के दौरान सिमरन के बड़े भाई का एक्सीडेंट हो गया। भाई के उपचार के लिए पूरे परिवार को अहमदाबाद जाना पड़ा। परिवार के लिए यह बेहद कठिन समय था। एक तरफ भाई के स्वास्थ्य की चिंता थी, तो दूसरी तरफ सिमरन के सामने अपने भविष्य की महत्वपूर्ण परीक्षा थी। इन परिस्थितियों के बावजूद सिमरन ने अपने लक्ष्य से कदम पीछे नहीं खींचे।
⚫ नीट की परीक्षा रद्द होने से लेकर भाई के एक्सीडेंट तक आईं कई मुश्किलें
⚫ सिमरन ने नहीं छोड़ा डॉक्टर बनने का लक्ष्य
हरमुद्दा
रतलाम, 6 अक्टूबर। जिंदगी में परिस्थितियां कितनी भी विपरीत क्यों न हों, यदि मन में कुछ कर गुजरने का जुनून हो तो कोई भी मुश्किल मंजिल की राह नहीं रोक सकती। रतलाम की सिमरन अब्बासी ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प से यह साबित कर दिखाया है। सिमरन ने तमाम पारिवारिक और व्यक्तिगत चुनौतियों के बीच नीट -26 में सफलता हासिल कर MBBS सीट प्राप्त की है। अब वह अमलताश मेडिकल कॉलेज देवास से MBBS की पढ़ाई करेगी।

पिता की मेहनत और बेटी का सपना
सिमरन के पिता लंबे समय से बेकरी में काम करते रहे हैं। सीमित आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद उनकी सबसे बड़ी इच्छा थी कि उनकी बेटी पढ़-लिखकर डॉक्टर बने। पिता की इसी इच्छा को सिमरन ने अपना सपना बना लिया और डॉक्टर बनने के लक्ष्य के साथ नीट की तैयारी शुरू की।
सिमरन के लिए यह सफर नहीं रहा आसान
नीट की परीक्षा से जुड़ी घटनाओं और पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द होने से उसे और उसके परिवार को बड़ा मानसिक झटका लगा। वर्षों की मेहनत के बाद डॉक्टर बनने का सपना एक समय मुश्किल नजर आने लगा। एक के बाद एक आईं मुश्किलें मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। दोबारा नीट परीक्षा की तैयारी के दौरान सिमरन के बड़े भाई का एक्सीडेंट हो गया। भाई के उपचार के लिए पूरे परिवार को अहमदाबाद जाना पड़ा। परिवार के लिए यह बेहद कठिन समय था। एक तरफ भाई के स्वास्थ्य की चिंता थी, तो दूसरी तरफ सिमरन के सामने अपने भविष्य की महत्वपूर्ण परीक्षा थी। इन परिस्थितियों के बावजूद सिमरन ने अपने लक्ष्य से कदम पीछे नहीं खींचे।
अभ्यास की टीम ने हर कदम पर दिया साथ
इस कठिन समय में अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट की टीम ने सिमरन का पूरा साथ दिया। पढ़ाई को लेकर लगातार मार्गदर्शन, टेस्ट पेपर, अभ्यास सामग्री और तैयारी की रणनीति उपलब्ध कराई गई। टीम ने यह सुनिश्चित किया कि पारिवारिक परिस्थितियों के कारण सिमरन की नीट तैयारी प्रभावित न हो। सिमरन ने भी पूरी लगन और मेहनत के साथ तैयारी जारी रखी और आखिरकार उसकी मेहनत सफल हुई।
पिता का सपना हुआ साकार
नीट-26 में सफलता के बाद सिमरन का MBBS में अंतिम प्रवेश हो चुका है। अब वह अमलताश मेडिकल कॉलेज देवास में डॉक्टर बनने की दिशा में अपना अगला कदम बढ़ाएगी। सिमरन की सफलता उसके पिता के लिए विशेष मायने रखती है। बेकरी में मेहनत करने वाले पिता ने अपनी बेटी को डॉक्टर बनाने का जो सपना देखा था, आज वही सपना हकीकत बन चुका है।
सिमरन और परिवार का हुआ सम्मान

सिमरन के परिजन
सिमरन की इस उल्लेखनीय सफलता पर अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट की टीम द्वारा सिमरन एवं उसके परिवार का स्वागत एवं सम्मान किया गया। इस अवसर पर सैयद शौकत अली फ्यूचर फाउंडेशन के फाउंडर एवं समाजसेवी सैय्यद मुख्तियार अली (सैय्यद ग्रुप) ने सिमरन और उसके परिवार को बधाई दी। उन्होंने सिमरन की उपलब्धि को रतलाम और उसके परिवार के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि सिमरन ने विपरीत परिस्थितियों में जिस तरह अपने लक्ष्य को हासिल किया है, वह अन्य विद्यार्थियों और विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणादायक है।उन्होंने सिमरन के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।
संघर्ष से सफलता तक की प्रेरणादायक कहानी
सिमरन की कहानी सिर्फ नीट में सफलता की कहानी नहीं है। यह एक पिता की मेहनत, एक बेटी के संकल्प और परिवार एवं मार्गदर्शकों के सहयोग की कहानी है।।परीक्षा रद्द होने का झटका, परिवार पर आया संकट और भाई का एक्सीडेंट—इन तमाम चुनौतियों के बावजूद सिमरन ने अपने सपने को टूटने नहीं दिया।
आज उसके हाथ में MBBS की सीट है और आंखों में डॉक्टर बनने का सपना। सिमरन ने साबित कर दिया कि अगर इरादा मजबूत हो तो परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, सफलता हासिल की जा सकती है।
Hemant Bhatt