हत्या या आत्महत्या : रेलवे अधिकारी विश्राम गृह के बाहर भारत सरकार लिखे वाहन में अर्धनग्न अवस्था में मिला ड्राइवर का शव

हत्या या आत्महत्या : रेलवे अधिकारी विश्राम गृह के बाहर भारत सरकार लिखे वाहन में अर्धनग्न अवस्था में मिला ड्राइवर का शव

⚫ सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची मौके पर

⚫ क्षेत्र में मचा हड़कंप

⚫ दोनों एंगल से हो रही है जांच

⚫ हाई सिक्युरिटी जोन में शव मिलने से उठने लगे सवाल

हरमुद्दा
​रतलाम, 7 अक्टूबर। रतलाम जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 7 पर स्थित अधिकारी विश्राम गृह के बाहर बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वहां खड़े 'भारत सरकार' लिखे एक वाहन में संदिग्ध परिस्थितियों में एक युवक का अर्धनग्न शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान हिम्मत सिंह के रूप में हुई है, जो पेशे से ड्राइवर था और रेलवे में अटैच वाहन को चलाता था। घटना के सामने आते ही स्टेशन परिसर और रेल महकमे में सनसनी फैल गई है। 


हाई-सिक्योरिटी ज़ोन माने जाने वाले प्लेटफॉर्म नंबर 7 और अधिकारी विश्राम गृह के ठीक सामने इस तरह शव मिलने से रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी की गश्त पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

चौकी प्रभारी उप निरीक्षक इवने

चौकी प्रभारी उप निरीक्षक रामपाल इवने ने बताया कि  प्रेम सिंह पिता श्री उमराव सिंह रावत (57) निवासी म.न. 108/4 सर्वोदय नगर, भारत गेस गोदाम रतलाम थाना औद्योगिक क्षेत्र रतलाम ने चौकी पर सूचना दी कि बुधवार को सुबह 09.30 बजे प्लेट फार्म न 07 के बाहर मालवा रेस्ट हाउस रोड पर रखी मेरी बोलेरो कार जिसका रजिस्ट्रेशन न. MP-43 ZB-9255 का चालक हिम्मत सिंह पिता दातार सिंह (37) निवासी बंगला न. 1686, रोड न. 08 ओल्ड रेलवे कालोनी रतलाम मृत अवस्था में बोलेरो कार की बीच वाली सीट पर पड़ा है। तब जाकर पुलिस बल ने कार्रवाई की

​कई दिनों से लापता था मृतक, परिजन थे परेशान

​सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हिम्मत (37) पिता दातार सिंह स्थाई निवासी जवाहर नगर रतलाम पिछले कुछ दिनों से अपने घर नहीं पहुंचा था। परिजन उसकी लगातार तलाश कर रहे थे और उसकी अनुपस्थिति को लेकर बेहद परेशान थे। बुधवार को जब अधिकारी विश्राम गृह के बाहर खड़े सरकारी नंबर प्लेट वाले वाहन (MP43 B 9255) को मलिक ने देखा और पुलिस को सूचना दी। तब जांच करने पर हिम्मत का शव गाड़ी के भीतर अर्धनग्न अवस्था में पाया गया।

​"प्रथम दृष्टया आत्महत्या, पोस्टमार्टम से खुलेगा राज"

​मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
​जीआरपी थाना प्रभारी सोहनलाल पाटीदार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया, "प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हो सकता है उसे हार्ट अटैक आया हो। हालांकि, शव अर्धनग्न अवस्था में मिलने और परिस्थितियों को देखते हुए हर पहलू पर गहन जांच की जा रही है। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

​उठते कई गंभीर सवाल ​सुरक्षा में इतनी बड़ी सेंध कैसे? 

रेलवे स्टेशन का प्लेटफॉर्म नंबर 7 और अधिकारी विश्राम गृह बेहद संवेदनशील क्षेत्र हैं। वहां दिन-रात अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों की आवाजाही रहती है। ऐसे में कई दिनों से लापता ड्राइवर का शव गाड़ी में पड़ा रहा और किसी की नजर क्यों नहीं पड़ी?

​हत्या या आत्महत्या? 

शव का अर्धनग्न अवस्था में मिलना मामले को संदिग्ध बनाता है। क्या हिम्मत ने किसी मानसिक दबाव में आकर यह कदम उठाया या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश है?

​लापरवाही की जवाबदेही किसकी? 

'भारत सरकार' लिखे वाहन में इस तरह की घटना होना प्रशासनिक मॉनिटरिंग और वाहनों के रख-रखाव पर भी सवालिया निशान खड़ा करता है। ​फिलहाल जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाकर मर्ग कायम कर लिया है। 

पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज

पुलिस मृतक के मोबाइल कॉल डिटेल (CDR) और आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हिम्मत आखिरी बार किसके संपर्क में था और गाड़ी में कब दाखिल हुआ था।