प्रशासनिक कसावट: कलेक्टर के तीखे तेवर, काम में ढिलाई पर परिवीक्षाधीन पटवारी रजनीश बर्खास्त

प्रशासनिक कसावट: कलेक्टर के तीखे तेवर, काम में ढिलाई पर परिवीक्षाधीन पटवारी रजनीश बर्खास्त

⚫ 53 पटवारियों को अल्टीमेटम: 'सुधरें या बाहर हों'

⚫ जिले के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप

⚫ रिक्त पदों पर पात्रों को तुरंत अनुकंपा नियुक्ति देने के निर्देश

हरमुद्दा
​रतलाम, 9 अक्टूबर। शासकीय कार्यों में लापरवाही और जनसेवा के प्रति उदासीनता बरतने वालों पर रतलाम कलेक्टर अजय कटेसरिया ने कड़ा प्रशासनिक प्रहार किया है। कलेक्टर के इन तीखे तेवरों से जिले के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

​ कलेक्टर अजय कटेसरिया

तहसील पिपलोदा में पदस्थ परिवीक्षाधीन पटवारी रजनीश राज रैगा को शासकीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरतने पर परिवीक्षा अवधि समाप्त करते हुए तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक (बर्खास्त) कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि श्री रैगा की नियुक्ति अनुकंपा के आधार पर हुई थी। इससे पूर्व भी स्वामित्व योजना के कार्यों में लापरवाही बरतने पर जिले के चार परिवीक्षाधीन पटवारियों पर बर्खास्तगी की गाज गिर चुकी है।

​53 पटवारियों को अल्टीमेटम: 'सुधरें या बाहर हों'

​लापरवाह कार्यप्रणाली पर नकेल कसते हुए जिला प्रशासन ने जिले के 53 परिवीक्षाधीन पटवारियों को अंतिम चेतावनी पत्र (Final Warning) जारी किया है:

⚫ ​सैलाना: 16 पटवारी

⚫ ​आलोट: 22 पटवारी

⚫ ​जावरा: 15 पटवारी

​प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह संबंधित कर्मचारियों के लिए अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने, कमियों को दूर करने और दायित्वों के प्रति गंभीरता दिखाने का अंतिम अवसर है। यदि समय रहते कार्य में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, तो सीधे सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी।

​नौकरी का महत्व समझते हैं, लेकिन जनसेवा से समझौता नहीं: कलेक्टर

​कलेक्टर कटेसरिया ने कड़ा संदेश देते हुए कहा: ​"हम संवेदनशीलता के साथ समझते हैं कि नौकरी पाना कठिन है और इससे परिवार की आजीविका जुड़ी होती है। लेकिन शासकीय सेवा के साथ जनता के प्रति जवाबदेही और शासन के निर्देशों का पालन प्राथमिक दायित्व है। शासन के आदेशों की अवहेलना और जनहित के कार्यों में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"
​उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि परिवीक्षा अवधि अनुशासन, कार्यक्षमता और कर्तव्यनिष्ठा साबित करने का समय होती है। यदि कोई कर्मचारी शुरुआत में ही स्वेच्छाचारिता और लापरवाही दिखाएगा, तो उससे आगामी 30–35 वर्षों की जिम्मेदार सेवा की उम्मीद नहीं की जा सकती। ऐसे मामलों में कठोर निर्णय लेना ही जनहित में आवश्यक है।

​रिक्त पदों पर पात्रों को तुरंत अनुकंपा नियुक्ति देने के निर्देश

​लापरवाहों पर कार्रवाई के साथ-साथ कलेक्टर ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों को तेजी से निपटाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बर्खास्त किए गए पटवारियों के रिक्त पदों पर नियमानुसार पात्र आवेदकों को तत्काल अनुकंपा नियुक्ति देने की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि पीड़ित आश्रित परिवारों को संबल मिल सके और क्षेत्रों में राजस्व सेवाएँ सुचारू रूप से संचालित हो सकें।