रतलाम में शासकीय मंदिरों की जमीनों पर दबंगों के कब्जे से पुजारियों में आक्रोश, खोला मोर्चा

रतलाम में शासकीय मंदिरों की जमीनों पर दबंगों के कब्जे से पुजारियों में आक्रोश, खोला मोर्चा

⚫ राष्ट्रीय मठ मंदिर संघ ने प्रेस वार्ता में जानकारी

⚫ 'प्रशासन ने अतिक्रमण नहीं हटाया तो स्वयं करेंगे कार्रवाई, जिम्मेदारी प्रशासन की होगी'

⚫ धूप-दीप और आरती के लाले, जिम्मेदार अधिकारी बेखबर

हरमुद्दा
​रतलाम, 9 अक्टूबर। जिले के शासकीय एवं प्राचीन मंदिरों की अति कीमती भूमियों पर भू-माफियाओं और दबंगों के बढ़ते अवैध कब्जों को लेकर राष्ट्रीय मठ मंदिर संघ एवं अखिल भारतीय पुजारी संघ ने मोर्चा खोल दिया है।

 रतलाम प्रेस क्लब में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान संघ के अध्यक्ष रघु बैरागी ने जिला प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि शासकीय मंदिरों की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त नहीं कराया गया, तो उग्र धरना-प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा। इसके बाद भी यदि जिम्मेदार अधिकारी नहीं जागे, तो पुजारी वर्ग स्वयं अतिक्रमण हटाएगा, जिसकी संपूर्ण जवाबदारी जिला प्रशासन की होगी।

​धूप-दीप और आरती के लाले, जिम्मेदार अधिकारी बेखबर

​प्रेस वार्ता में पुजारियों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों में स्थिति अत्यंत दयनीय है। वहां धूप, दीप, आरती और प्रसाद तक का खर्च निकालना दूभर हो गया है। नियमानुसार इन मंदिरों की देखरेख और व्यवस्था की जिम्मेदारी क्षेत्र के तहसीलदार और एसडीएम (SDM) की है, लेकिन वे कभी मौके पर जाकर निरीक्षण तक नहीं करते।

धामनोद नगर परिषद के उपाध्यक्ष में भी कर रखा कब्जा

​धामनोद का उदाहरण देते हुए संघ ने आरोप लगाया कि वहां भाजपा के पार्षद और उपाध्यक्ष ने मंदिर तथा मंदिर की भूमि पर कब्जा कर रखा है। भू-माफियाओं और स्थानीय दबंगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे मंदिरों की कृषि भूमियों का अवैध दोहन कर रहे हैं और विरोध करने पर पुजारियों पर अत्याचार किया जा रहा है।

​पुजारियों की प्रमुख मांगें

​अतिक्रमणों से तत्काल मुक्ति

जिले के प्राचीन एवं ऐतिहासिक मंदिरों की कृषि व गैर-कृषि भूमियों पर भू-माफियाओं द्वारा किए गए सभी अवैध कब्जों को प्रशासन तत्काल हटाए।

​वंशानुगत नामांतरण एवं पृथक सूची

मध्य प्रदेश शासन के वर्ष 2008 के स्पष्ट आदेशों और न्यायालयीन निर्णयों के आलोक में शासन नियंत्रित मंदिरों की सूची से 'निजी देवस्थानों' को अलग कर उनकी पृथक सूची बनाई जाए। साथ ही उनके निजी खातों पर पुजारियों का विधिवत वंशानुगत नामांतरण दर्ज किया जाए।

​दबंगों से मुक्ति व मूल पुजारी की पुनर्स्थापना

दबंगों द्वारा बिना किसी वैध दस्तावेज के जिन देवस्थानों और उनकी भूमि पर अनाधिकृत कब्जा किया गया है, उसे हटवाकर मूल पुजारी/सेवादार को पुनः कब्जा दिलाया जाए।

​कठोर आपराधिक कार्रवाई

मंदिर की संपत्तियों और भूमियों को हड़पने वाले असामाजिक तत्वों एवं भू-माफियाओं के विरुद्ध सुसंगत व कठोर आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज किया जाए।

​शासकीय योजनाओं और ग्रीन कार्ड का लाभ

मंदिरों की कृषि भूमि पर निर्भर पुजारियों को सामान्य कृषकों की भांति 'ग्रीन कार्ड' जारी किए जाएं। साथ ही उन्हें खाद, बीज और शासन की अन्य सभी कल्याणकारी योजनाओं व सुविधाओं का लाभ प्रदान किया जाए।

अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं

पुजारियों ने स्पष्ट किया कि इन ज्वलंत समस्याओं के निराकरण के संबंध में पूर्व में भी कलेक्टर और एसडीएम को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, किंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

यह थे मौजूद

प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय मठ मंदिर संघ के अध्यक्ष रघु बैरागी के साथ अखिल भारतीय पुजारी संघ के जिलाध्यक्ष मुकेश शर्मा, सैलाना के श्रीराम चवरा मंदिर के पुजारी रमेश बैरागी, महेंद्र दास बैरागी (नामली) और रतनदास बैरागी (उपलई) सहित बड़ी संख्या में संघ के प्रतिनिधि एवं पुजारी उपस्थित रहे।