लापरवाही पर बड़ा एक्शन : रतलाम कलेक्टर ने 12 पटवारियों को थमाया 'दीर्घ शास्ति' का आरोप-पत्र

लापरवाही पर बड़ा एक्शन : रतलाम कलेक्टर ने 12 पटवारियों को थमाया 'दीर्घ शास्ति' का आरोप-पत्र

⚫ दो महिला पटवारी भी है शामिल

⚫ नौकरी से बर्खास्तगी की लटकी तलवार

⚫ राजस्व विभाग और प्रशासनिक हलके में हड़कंप

हरमुद्दा
रतलाम, 8 अक्टूबर। शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और राजस्व संबंधी कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ रतलाम जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कलेक्टर अजय कटेसरिया ने कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही और समय पर काम पूरा न करने के गंभीर आरोप में जिले के 12 पटवारियों को दीर्घ शास्ति (कड़ी सजा) संबंधी आरोप-पत्र जारी कर दिए हैं।

कलेक्टर की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से राजस्व विभाग और प्रशासनिक हलके में हड़कंप मच गया है।

इन प्रमुख योजनाओं में लापरवाही पड़ी भारी

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह सख्त कार्रवाई शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण स्वामित्व योजना, फार्मर रजिस्ट्री और अन्य निर्धारित राजस्व कार्यों की समीक्षा के बाद की गई है। इन 12 पटवारियों पर आरोप है कि इन्होंने बार-बार दिए गए निर्देशों के बावजूद समय पर कार्य पूर्ण नहीं किया और शासकीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही बरती।

इन 12 पटवारियों को जारी हुए आरोप-पत्र

कलेक्टर द्वारा जिन पटवारियों के खिलाफ चार्जशीट (आरोप-पत्र) जारी की गई है, उनके नाम और हलके इस प्रकार हैं।

⚫ दयाराम गुर्जर – करमदी

⚫ अनामिका ओहरी – गोपालपुरा

⚫ शैलेन्द्र व्यास – बिबड़ौद

⚫ भरत राठौर – सागोद, नगरा

⚫ राजेश रावल – हरथली

⚫ राजीव योगी – कनेरी

⚫ सीमा राठौर – मोरवनी

⚫ संतोष राठौर – अमलेटा

⚫ तेजवीर सिंह चौधरी – घटला

⚫ विजय सोंदल – जड़वासा खुर्द

⚫ अंकित परिहार – ईश्वरथुनी

⚫ वीरेन्द्र सोलंकी – सालाखेड़ी

नौकरी से बर्खास्तगी तक की हो सकती है कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार विभागीय नियमों के मुताबिक, आरोप-पत्र जारी होने के बाद अब इन सभी संबंधित पटवारियों के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक जांच शुरू की जाएगी। इन कार्मिकों से जवाब मांगा जाएगा और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही अंतिम फैसला होगा। यदि जांच के दौरान इन पटवारियों पर लगे आरोप प्रमाणित हो जाते हैं, तो नियमानुसार इनके खिलाफ कड़ी 'दीर्घ शास्ति' की कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें सेवा से बर्खास्तगी (नौकरी से निकाला जाना) जैसी बड़ी सजा भी शामिल है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आरोप-पत्र जारी होना अंतिम फैसला नहीं है, अंतिम निर्णय विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा।

लेट लतीफी बर्दाश्त नहीं

कलेक्टर अजय कटेसरिया की इस कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है कि आम जनता से जुड़ी सरकारी योजनाओं में ढिलाई या लेटलतीफी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।