रिश्वत के तीन मामलों में अभियोजन स्वीकृति मिलते ही 3 पटवारी निलंबित
⚫ पटवारी रमेश बैरागी, प्रभुकुमार गरवाल और प्रवीण कुमार जैन शामिल
⚫ कलेक्टर अजय कटेसरिया का बड़ा एक्शन
हरमुद्दा
रतलाम, 9 अक्टूबर। भ्रष्टाचार के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने लोकायुक्त उज्जैन द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के मामलों में अभियोजन स्वीकृति (Prosecution Sanction) जारी करने के साथ ही यह निलंबन आदेश जारी किए।
कार्रवाई की जद में आए पटवारियों में रमेश बैरागी, प्रभुकुमार गरवाल और प्रवीण कुमार जैन शामिल हैं। तीनों के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस उज्जैन ने अलग-अलग शिकायतों पर ट्रैप की कार्रवाई कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किए थे।
इन मामलों में हुई कार्रवाई
⚫ रमेश बैरागी (पटवारी हल्का नं. 05, ग्राम पंचेड़, रतलाम ग्रामीण):
ग्राम पंचेड़ निवासी गोपाल उपाध्याय ने भूमि सीमांकन रिपोर्ट के एवज में 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने और 40 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया था। लोकायुक्त पुलिस उज्जैन ने शिकायत पर ट्रैप कर मामला दर्ज किया था।
⚫ प्रभुकुमार गरवाल (पटवारी हल्का नं. 24, ग्राम किटखेड़ी, तहसील ताल):
तहसील ताल निवासी किशनलाल आंजना के पिता की भूमि के सीमांकन रिपोर्ट और पंचनामा देने के बदले 4 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप। लोकायुक्त टीम ने 14 मई 2025 को ट्रैप की कार्रवाई कर प्रकरण दर्ज किया था।
⚫ प्रवीण कुमार जैन (पटवारी हल्का नं. 28, ग्राम खेड़ाखेड़ी, तहसील जावरा):
जावरा निवासी श्यामु बाई बलाई की ग्राम बामनखेड़ी स्थित भूमि के डायवर्जन संबंधी कार्रवाई के एवज में 6 हजार रुपये रिश्वत मांगने की शिकायत पर लोकायुक्त उज्जैन ने ट्रैप की कार्रवाई की थी।
निष्पक्ष जांच के लिए उठाया कदम
प्रकरणों में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1) के तहत यह कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि के दौरान तीनों पटवारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) दिया जाएगा। मामलों में अंतिम फैसला सक्षम न्यायालय द्वारा किया जाएगा।
Hemant Bhatt