धर्म संस्कृति : वैशाख माह की पावनता में शिव शक्ति वासुकी धाम में हुआ दिव्य अभिषेक
⚫ हवन पूजन में शामिल हुए श्रद्धालु
⚫ पुष्प एवं नारियल अर्पित कर मनोकामना की व्यक्त
हरमुद्दा
रतलाम, 21 अप्रैल। सनातन धर्म में अत्यंत पुण्यदायी एवं आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक माने जाने वाले वैशाख माह के पावन अवसर पर, वैशाख सुदी पंचमी के शुभ दिन स्नेह नगर (80 फीट रोड) स्थित शिव शक्ति वासुकी धाम में वासुकीनाथ बाबा का भव्य, अलौकिक एवं आध्यात्मिक अभिषेक एवं हवन श्रद्धा, भक्ति एवं दिव्य ऊर्जा के साथ संपन्न हुआ।

स्नेह नगर विकास समिति की चेतना पाटीदार ने बताया कि
वैशाख मास को धर्मशास्त्रों में ‘स्नान, दान एवं साधना का श्रेष्ठ काल’ बताया गया है। मान्यता है कि इस माह में किया गया प्रत्येक जप, तप, दान एवं पूजन अनेक गुना फलदायी होता है तथा जीवन के कष्टों का शमन कर आत्मशुद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है। इसी पावन भावना के साथ यह आयोजन भक्तों के लिए विशेष पुण्यदायी रहा।
आध्यात्मिक चेतना से ओतप्रोत हो उठा पूरा वातावरण
प्रातःकाल वासुकीनाथ बाबा का विधिपूर्वक अभिषेक दूध, दही, पंचगव्य एवं पवित्र जल से किया गया। मंत्रों की पवित्र ध्वनि, धूप-दीप की सुगंध एवं श्रद्धालुओं की आस्था से पूरा वातावरण आध्यात्मिक चेतना से ओतप्रोत हो उठा। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हवन ने सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हुए उपस्थित जनों के मन को शांति एवं संतुलन प्रदान किया।
यह के मुख्य यजमान

इस धार्मिक अनुष्ठान का संचालन विद्वान आचार्य पंडित प्रवीण शर्मा के सान्निध्य में वैदिक विधि-विधान अनुसार किया गया। कार्यक्रम के मुख्य यजमान किरणदेवी मोतीलाल परिवार रहे।
इन्होंने लिया पुण्य लाभ
सह-लाभार्थी के रूप में करण पाटीदार, सरोज राठौड़, लोकेन्द्रसिंह राठौड़, हेमन्त मूणत, लक्ष्मण सिंह सोलंकी, मंजूला माहेश्वरी, मंजूला रावल,माया पांचाल, शांति रिजावत, शंकरलाल आंजना, चंद्रशेखर बैरागी, कन्हैयालाल प्रजापत, कृष प्रजापत, दिलीप प्रजापत, सक्षम सोलंकी, दिनेश वर्मा, गणराज भूषण वर्मा, संतोष बामनिया, लक्ष्मीनारायण पाटीदार (मलवासा), शेखर शर्मा, तेजसिंह सिसोदिया एवं अंकित चन्नावत सहित अनेक श्रद्धालुओं ने सहभागी बनकर हवन-पूजन का पुण्य लाभ अर्जित किया।

प्रत्येक माह की उजियारी पंचमी और रविवार को होता है कार्यक्रम
स्नेह नगर विकास समिति की अध्यक्ष पाटीदार ने बताया कि वासुकीनाथ बाबा की कृपा से यहां प्रत्येक माह उजियारी पंचमी एवं प्रत्येक रविवार को विशेष पूजन-अभिषेक आयोजित किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।
यह दिव्य आयोजन न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान रहा, बल्कि समाज में आस्था, एकता, सकारात्मकता एवं आध्यात्मिक जागरण का प्रेरक संदेश देकर हर हृदय में विश्वास की नई ज्योति प्रज्वलित कर गया।

मानसिक कष्टों के लिए अत्यंत शमनकारी
धार्मिक मान्यता के अनुसार, बाबा के चरणों में अर्पित जल की प्रत्येक बूंद जीवन के दुःख, रोग, भय एवं मानसिक अशांति को दूर कर श्रद्धालु के जीवन में नव ऊर्जा, आत्मबल एवं सकारात्मक परिवर्तन का संचार करती है। विशेष रूप से वैशाख माह में किया गया अभिषेक पितृ दोष, नकारात्मक ऊर्जा एवं मानसिक कष्टों के शमन हेतु अत्यंत फलदायी माना जाता है।
पुष्प एवं नारियल अर्पित कर मनोकामना की व्यक्त
श्रद्धालुओं ने सफेद पुष्प एवं नारियल अर्पित कर परिक्रमा करते हुए अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कीं। साथ ही सूखे नारियल को अपने ऊपर से उतारकर हवन कुंड में समर्पित करने की विशेष व्यवस्था भी की गई, जिसे नकारात्मक ऊर्जा के निवारण का प्रभावी आध्यात्मिक उपाय माना जाता है।
Hemant Bhatt