पुजारी की करतूत : जैन मंदिर से चोरी गई सिद्ध चक्र भगवान की प्रतिमा मिली पुलिस को

पुजारी की करतूत : जैन मंदिर से चोरी गई सिद्ध चक्र भगवान की प्रतिमा मिली पुलिस को

मंदिर के पुजारी ने ही दोस्त के साथ मिलकर दिया चोरी की घटना को अंजाम

⚫ तीन आरोपियों को किया 94 हजार के साथ गिरफ्तार 

⚫ चुराया हुआ हार एक लाख रुपए में बेचा दिल्ली जाकर

हरमुद्दा
रतलाम, 25 जून। जैन मंदिर से गत दिनों चोरी हुई सिद्ध चक्र भगवान की मूर्ति पुलिस को मिली। इस संबंध में सुखेड़ा पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनके कब्जे से 94 हजार रुपए भी मिले हैं। मंदिर के पुजारी ने ही दोस्त के साथ मिलकर चोरी की घटना को अंजाम दिया। इतना ही नहीं प्रतिमा जी का जो सोने का हार चुराया था। वह दिल्ली जाकर ₹100000 में बेच दिया।


पुलिस ने बताया कि 21 जून 2026 को मंदिर के पुजारी विशाल बैरागी पिता कचरुदास बैरागी (26) निवासी  ग्राम बुढा थाना नारायणगढ जिला मंदसौर हाल मुकाम ग्राम सुखेडा ने रिपोर्ट की थी कि शाम करीब 4 बजे मैं मंदिर की छत पर सफाई करवा रहा था तभी घंटी बजने की आवाज आई तो मैं नीचे आया तो एक लड़का उम्र 22-23 साल करीब मंदिर से दर्शन करके निकला फिर मैं काम में  व्यस्त हो गया। थोडी देर बाद मैने मंदिर में देखा तो एक सोने का हार करीब 13 ग्राम और एक चांदी की सिद्ध चक्र भगवान की प्रतिमा करीब 180 ग्राम गायब थी। फिर समाज के लोगो को सूचना दी। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना पिपलोदा पर अपराध क्रमांक 217/2026 धारा 305 (डी) बीएनएस का पंजीबद्ध कर  विवेचना में लिया गया । 

हुई पुलिस कार्रवाई 

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस  अधीक्षक अमित कुमार  निर्देश पर चौकी प्रभारी चौकी प्रभारी सुखेडा उप निरीक्षक राजू मखोड को टीम प्रभारी बनाकर अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू की गई। 

पुजारी पर हुआ संदेह, सीसी टीवी ने उगला राज

पुलिस टीम द्वारा घटना स्थल के आसपास तथा सुखेडा नगर में लगे सभी जगह लगे केमरो को बारिकी से चेक किया जिसमे एक संदिग्ध लड़का उम्र करीब 22-23 साल का दिखा जिसने मुह पर मास्क पहन रखा था। सुखेडा जैन मंदिर में पुजारी का कार्य कर रहे विशाल उर्फ शैलेन्द्र बैरागी के बयान में संदेह होने से मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ में पाया कि ग्राम बुढा जिला मंदसौर की स्कूल के समय के दोस्त सुनील चौहान  निवासी गर्रावद के साथ मिलकर चोरी करने की योजना बनाई और उसको फोन लगाकर पूर्व से ही घटना कैसे करनी है इस सम्बन्ध में बताया। 21 जून को दिन में बस से बैठकर दोस्त चौहान सुखेडा आया और मंदिर में से भगवान आदिनाथ की मूर्ति पर चढ़ा सोने का हार व सिद्ध चक्र की प्रतिमा चोरी की। चोरी करने के बाद मंदिर में ही सिध्द चक्र की प्रतिमा विशाल बैरागी को सुनील ने दे दी थी । विशाल ने बोला था कि हार बेच देना जो भी रुपये आएंगे। आधे आधे बाट लेंगे। 

पुजारी के कब्जे से मिली प्रतिमा

विवेचना में आरोपी विशाल बैरागी के कब्जे से भगवान सिद्ध चक्र की प्रतिमा बरामद की तथा उसे गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया, जहा से उसे जेल भेज दिया था। बाद आरोपी सुनील चौहान व उसके दोस्त दीपक टेलर को बायपास मंदसौर से अभिरक्षा में लेकर की गई पूछताछ में पाया कि विशाल के कहने पर सुखेडा में जैन मंदिर पर मूर्ति पर चढ़ा हार चोरी किया था और मल्हारगढ में उसके रिश्तेदार के साथ मिलकर वह हार दिल्ली में जाकर एक लाख रुपये में बेच दिया था। उनके कब्जे से खर्च उपरांत 94000 रुपये जब्तकर दोनो को गिरफ्तार किया ।

गिरफ्तार आरोपी

⚫ विशाल बैरागी पिता कचरुदास बैरागी (26)  निवासी  ग्राम बुढा थाना नारायणगढ     जिला मंदसौर हाल मुकाम ग्राम सुखेडा

⚫ सुनील पिता दिलीप चौहान (26) निवासी ग्राम गर्रावद थाना नारायणगढ जिला मदंसौर

⚫ दीपक पिता राजेन्द्र टेलर (27) निवासी  ग्राम पहेडा थाना मल्हारगढ जिला मंदसौर 

यह जब्त हुआ आरोपियों के कब्जे से

⚫ चांदी की भगवान सिद्ध चक्र की एक प्रतिमा। वजन 180 ग्राम।

⚫ चोरी गया सोने के हार को  विक्रय कर प्राप्त राशि 94,000 रुपये नगदी । 

सराहनीय भूमिका 

 निरीक्षक रमेश कोली, उनि राजू मखोड ,आरक्षक विजयपाल सिह, आरक्षक प्रेम मीणा , आरक्षक अभय चौहान, आरक्षक जितेन्द्र माली, आरक्षक कमल सिह व प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा, आरक्षक तुषार सिसोदिया सायबर सेल रतलाम कि महत्वपुर्ण भूमिका रही ।