सामाजिक सरोकार : प्रो. अज़हर हाशमी जी की पुण्यतिथि पर "संस्मरणों की स्वर्णिम संध्या" का आयोजन आज शाम
⚫ प्रेस क्लब भवन पर आयोजन 10 जून की शाम 7 बजे
हरमुद्दा
रतलाम, 10 जून। प्रो. अज़हर हाशमी जी की प्रथम पुण्यतिथि पर "संस्मरणों की स्वर्णिम संध्या" का आयोजन प्रसिद्ध साहित्यकार, कवि, गीता-मनीषी, भारतीय संस्कृति के अध्येता एवं राष्ट्रवादी चिंतक प्रो. अज़हर हाशमी जी की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर 10 जून को प्रेस क्लब भवन, रतलाम में उनके शिष्यों द्वारा उनकी स्मृतियों को नमन करने हेतु "संस्मरणों की स्वर्णिम संध्या" का आयोजन किया जा रहा है।

कार्यक्रम की संयोजक श्वेता नागर ने बताया कि प्रो. अज़हर हाशमी जी का व्यक्तित्व एवं कृतित्व न केवल उनके शिष्यों, बल्कि समूचे समाज के लिए भी अनुकरणीय रहा है। समाज में शांति, सौहार्द और एकता की स्थापना के लिए उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। संतत्व से परिपूर्ण जीवन जीते हुए उन्होंने प्रचार-प्रसार से दूर रहकर सेवा को ही अपना जीवन-ध्येय बनाया।

संस्मरण की होगी प्रस्तुति
अपने एक हजार से अधिक व्याख्यानों के माध्यम से उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता एवं वेदों की वाणी की सरल एवं सहज व्याख्या कर उसे जन-जन तक पहुँचाया। उनका विश्वप्रसिद्ध गीत "मुझको राम वाला हिंदुस्तान चाहिए" भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्र के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है। भारतीय संस्कृति की गुरु-शिष्य परंपरा को जीवंत रखते हुए वे सदैव अपने शिष्यों के प्रति समर्पित रहे। यही कारण है कि वे अपने सभी शिष्यों के लिए प्रेरणापुंज बने हुए हैं। इस अवसर पर उनके जीवन से जुड़े प्रेरणादायी संस्मरण उनके शिष्यों एवं आत्मीयजनों द्वारा साझा किए जाएंगे।
आयोजन में शामिल होने का आह्वान
महाविद्यालय विद्यार्थी परिवार के संयोजक एवं अपर लोक अभियोजक सतीश त्रिपाठी, मार्गदर्शक मंडल की वरिष्ठ सदस्य डॉ. प्रवीणा दवेसर, पूर्व प्राचार्य डॉ. अनिला कंवर, व्याख्याता नंदिनी सक्सेना, पत्रकार हेमंत भट्ट, नीरज शुक्ला, तुषार कोठारी, आरिफ कुरैशी तथा समाजसेविका अदिति दवेसर ने सभी नागरिकों से इस आयोजन में सम्मिलित होकर प्रो. हाशमी जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने का आह्वान किया है।
Hemant Bhatt